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सोनम वांगचुक का रुख हुआ नरम फिर क्यों अटकी प्रदर्शनकारियों और सरकार में बातचीत?
प्रदर्शनकारियों और केंद्र सरकार में अपनी-अपनी शर्तों को लेकर बातचीत लगभग ठप है (फाइल तस्वीर)

सोनम वांगचुक का रुख हुआ नरम फिर क्यों अटकी प्रदर्शनकारियों और सरकार में बातचीत?

लेखन आबिद खान
Jul 23, 2026
06:08 pm

क्या है खबर?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत एक तरह से ठप पड़ी है। आज केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 4 बार CJP को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। वहीं, CJP ने कहा कि सरकार को अगर बात करना है तो वो जंतर-मंतर आए। इसे लेकर संसद में भी गतिरोध जारी है। आइए समझते हैं बातचीत क्यों अटक गई है।

रिपोर्ट

CJP ने रखी 2 शर्तें

न्यूज18 ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा कि CJP की शर्तों के चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।

सूत्रों ने बताया कि CJP के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के साथ किसी भी तरह की औपचारिक चर्चा शुरू होने से पहले 2 शर्तों पर अपना रुख साफ किया है। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और दूसरी- केंद्र के साथ कोई भी बातचीत जंतर-मंतर पर सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए।

शर्त

CJP की दोनों ही शर्तें मानने को राजी नहीं सरकार- रिपोर्ट

सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार CJP की दोनों ही मांगों को स्वीकार करने पर राजी नहीं है, जिसके चलते मौजूदा गतिरोध उत्पन्न हो गया है।

हालांकि, गतिरोध के बावजूद, संचार के रास्ते खुले हैं और औपचारिक वार्ता का मार्ग प्रशस्त करने वाले बीच के रास्ते की तलाश जारी हैं।

सरकार बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत करना चाह रही है। जेपी नड्डा ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की भी अपील की है।

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वांगचुक का रुख

वांगचुक ने प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ी

इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी मांगों को लेकर रुख नरम कर लिया है। पहले वांगचुक प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन बीते दिन जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया।

वांगचुक ने कहा, "जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार भी शामिल होना चाहिए।"

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बयान

सरकार बोली- CJP को 4 बार बातचीत के लिए बुलाया

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने कल से अब तक 4 बार प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है।

उन्होंने कहा, "हम आपको जितना समय चाहिए, उतना समय देने को तैयार हैं। बातचीत के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मैं दोनों मौजूद रहेंगे। जब भी आप चाहें, दिन के किसी भी समय और जितनी देर तक आप चाहें। हम उस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।"

CJP

CJP ने कहा- सरकार जंतर मंतर पर आए

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हमें पुलिस ने बताया कि नड्डा ने अपने आवास पर बातचीत के लिए बुलाया है। लेकिन हम किसी के घर या कार्यालय नहीं जाएंगे। सरकार को बातचीत करनी है तो जंतर-मंतर आए या किसी न्यूट्रल जगह पर बातचीत करे। हमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।"

एक दिन पहले भी CJP ने नड्डा के घर या कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

संसद

संसद में क्यों हो रहा गतिरोध?

संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर घमासान हो रहा है। 4 दिन से चर्चा लगभग ठप पड़ी है। आज भी दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे फिर दोपहर 2 बजे और फिर कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कह रहे हैं कि विपक्ष मुद्दे पर चर्चा करे।

वहीं, विपक्ष का कहना है कि पहली प्रधान का इस्तीफा लिया जाए फिर चर्चा होगी।

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