LOADING...
ब्रिटेन ने भारतीय कैप्टन को क्यों गिरफ्तार किया, दूतावास भी सक्रिय; क्या है मामला?
ब्रिटेन ने भारतीय जहाज कैप्टन को 14 जून से हिरासत में ले रखा है

ब्रिटेन ने भारतीय कैप्टन को क्यों गिरफ्तार किया, दूतावास भी सक्रिय; क्या है मामला?

लेखन आबिद खान
Jun 26, 2026
02:19 pm

क्या है खबर?

ब्रिटेन ने उत्तराखंड के नैनीताल के रहने वाले मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को हिरासत में ले रखा है। उन्हें 14 जून को हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि वे जिस जहाज को चला रहा थे, वो रूस के तेल पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले कथित 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा था। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग भी इस मामले में बारीकी से नजर रखा रहा है। आइए मामला समझते हैं।

गिरफ्तारी

रूस से तेल लादकर निकला था पंत का जहाज

38 वर्षीय कैप्टन पंत MV स्मिरटोस नामक जहाज की कमान संभाले हुए थे। ये जहाज 4 जून को रूस से लगभग 7 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। 14 जून को यह जहाज इंग्लिश चैनल से गुजर रहा था, तभी ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर इसे रोक लिया। रॉयल मरीन कमांडो हेलीकॉप्टर से जहाज पर उतरे और कब्जा कर लिया। इसी दिन पंत की गिरफ्तारी हुई।

आरोप

क्यों गिरफ्तार किए गए पंत?

आरोप है कि ये जहाज प्रतिबंध लगे रूसी तेल का परिवहन कर रहा था। ये भी कहा गया कि जहाज पहले कैमरून के झंडे के तहत चल रहा था, लेकिन बाद में ब्रिटिश सरकार ने इसे 'स्टेटलैस' यानी बिना वैध राष्ट्रीय पंजीकरण वाला जहाज बताया। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज फिलहाल डोरसेट के वेमाउथ के पास लंगर डाले खड़ा है। जहाज पर मौजूद 24 चालक दल के सदस्य भी वहीं हैं। इनमें भारतीय और जॉर्जियाई नागरिक शामिल हैं।

Advertisement

जेल

16 जून को जेल भेजे गए कैप्टन पंत

16 जून को कैप्टन पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उन पर 'रूस (प्रतिबंध) विनियम 2019 के नियम 46Z9B' के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। दोषी पाए जाने पर पंत को 10 साल की सजा हो सकती है। कोर्ट ने पंत की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

Advertisement

जहाज

जहाज के स्वामित्व को लेकर क्या है विवाद?

जहाज MV स्मिरटोस 2009 में चीन में बना था। इसका मालिकाना हक हांगकांग में पंजीकृत कंपनी 'झाओ याओ शिपिंग लिमिटेड' के पास है, जबकि प्रबंधन तमिलनाडु की एक कंपनी करती है। पहले ये जहाज कैमरून के झंडे के तहत पंजीकृत होकर चल रहा था, जून की शुरुआत में कैमरून ने इसे अपनी सूची से बाहर कर दिया। इसके बाद ये बिना झंडे वाला जहाज हो गया। पिछले साल भी जहाज को लेकर विवाद सामने आए थे।

दूतावास

मामले पर दूतावास लगातार सक्रिय

लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने पुष्टि की है कि वह पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। उच्चायोग ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी स्थिति की जानकारी दी है। अधिकारियों ने 19 जून को कैप्टन पंत से फोन पर बात की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल रही है और वह नियमित रूप से अपनी पत्नी के संपर्क में हैं। फिलहाल भारतीय मिशन जरूरी कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है।

Advertisement