कौन था पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान, जिसकी PoK में हुई हत्या?
क्या है खबर?
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इंडिया टुडे के मुताबिक, इस हमले में हमजा की मौत हो गई है। अभी तक हमलावारों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि PoK के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने हमजा को निशाना बनाकर कई गोलियां चलाईं, जिसमें हमजा की मौके पर ही मौत हो गई।
परिचय
पुलवामा का रहने वाला था हमजा
रिपोर्ट के मुताबिक, हमजा को अर्जुमंद गुलजार डार नाम से भी जाना जाता था। वो पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। बताया जाता है कि वह करीब 7 साल पहले वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था। वहां वो आतंकी संगठन अल-बद्र से जुड़ गया। इस संगठन को भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। बाद में वो संगठन में कमांडर के तौर पर काम करने लगा।
आतंक
कई आतंकी गतिविधियों में आया हमजा का नाम
जांच एजेंसियों के अनुसार, हमजा पुलवामा में विस्फोटक बरामदगी, 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा। उसने पुलवामा आतंकी हमले के दौरान ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में भी काम किया था। वह खुद को पाकिस्तान में शिक्षक बताता था और कथित तौर पर पहचान छिपाने के लिए एक स्कूल में पढ़ाता भी था। वो आतंकियों की सीमा पार कराने में भी मदद करता था।
काम
'नेरेटिव युद्ध' में अहम भूमिका निभाता था हमजा
न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से कहा कि हमजा ने अल-बद्र द्वारा स्थानीय युवाओं की भर्ती करने और कश्मीर में भारत विरोधी प्रचार फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पोस्टर, वीडियो और ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री को बनाने और वितरित करने में अहम भूमिका निभाई। उसके काम को आतंकी संगठन की 'नेरेटिव युद्ध' रणनीति के लिए अहम माना जाता था, जिसका उद्देश्य उग्रवाद को महिमामंडित करना और कमजोर युवाओं को प्रभावित करना था।
आतंकी घोषित
भारत ने घोषित किया था आतंकी
भारत ने 2022 में हमजा को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी घोषित किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, हमजा पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उस पर आरोप था कि वह पाकिस्तान से बैठकर स्थानीय OGW के जरिए हथियार, फंडिंग और निर्देश पहुंचाता था। वो अल-बद्र से जुड़े सीमा पार अभियानों से भी जुड़ा था।
हत्या
कैसे हुई हत्या?
रिपोर्ट के मुताबिक, हमजा PoK स्थित अपने कार्यालय में बैठा था, तभी कुछ अज्ञात लोग वहां पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। मौके पर ही हमजा की मौत हो गई। दावा है कि उसे काफी करीब से गोली मारी गई। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गा है कि उसकी मौत PoK में अल-बद्र गिरोह के आंतरिक युद्ध में हुई, जो कथित तौर पर आतंकी संगठन के भीतर धन वितरण को लेकर हुए विवादों से जुड़ा था।