कौन हैं वायुसेना अधिकारी अक्षिता धनकर, जिन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ फहराया तिरंगा?
क्या है खबर?
भारतीय वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इतिहास रच दिया। यह क्षण भारत के सशस्त्र बलों में महिलाओं के समर्पण, दृढ़ता और बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। धनकर को मिले इस मौके की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। ऐसे में आइए जानते हैं अक्षिता धनकर कौन हैं और उन्हें यह मौका क्यों मिला।
सपना
धनकर ने बचपन से ही देखा था देश की सेवा करने का सपना
धनकर ने बचपन में गणतंत्र दिवस की परेड देखकर उन्होंने देश की सेवा करने का सपना देखा था। सैन्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हरियाणा के कांसी गांव में जन्मीं धनकर बताती हैं कि बचपन से ही उनका सपना सशस्त्र बलों में शामिल होने का था। उन्होंने न्यज18 से कहा, "मेरे पिता ने परेड में भाग लिया था और इसका मुझ पर गहरा प्रभाव पड़ा। मैं हमेशा से देश की सेवा करना और वर्दी पहनना चाहती थी।"
शिक्षा
कहां हुई थी धनकर की शिक्षा?
हरियाणा के कांसी गांव में शुरुआती पढ़ाई करने के बाद धनकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में आगे की पढ़ाई के लिए प्रवेश ले लिया था। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) में प्रवेश लिया। NCC में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जल्द ही कैडेट सार्जेंट मेजर (CSM) का पद प्राप्त किया और उनकी यूनिट उन्हें उनके प्रेरणादायक नेतृत्व के लिए प्यार से पूर्व CSM के रूप में याद करती थीं।
कमीशन
धनकर का 2023 में हुआ था वायुसेना में कमीशन
धनकर ने वायुसेना सामान्य प्रवेश परीक्षा (AFCAT) उत्तीर्ण की और मैसूर स्थित वायुसेना चयन बोर्ड (AFSB) से अनुशंसा प्राप्त की। बाद में 211वें लघु सेवा आयोग (महिला) ग्राउंड ड्यूटी पाठ्यक्रम के अंतर्गत, उन्हें 17 जून, 2023 को सेवा क्रमांक 38704 ADM के साथ प्रशासन शाखा में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन दिया गया। उन्हें शीघ्र ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति मिल गई, जहां उन्होंने कार्मिक प्रबंधन, रसद और समन्वय सहित महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों की देखरेख की।
मौका
इस साल मिला गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मौका
धनकर को इस साल गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का मौका मिला, जो महिलाओं की भागीदारी पर का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "गणतंत्र दिवस पर मुझे राष्ट्रपति मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर मिला। यह अत्यंत प्रसन्नता का क्षण है। मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमने दो महीने से अधिक समय तक अभ्यास किया है। अभ्यास बहुत कठिन रहा है। हम सुबह जल्दी उठते थे और देर से घर लौटते थे। अंततः यह सब सार्थक हुआ।"