पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, राजनीतिक हिंसा पीड़ितों के परिवारों को मिलेगी सरकारी नौकरी
पश्चिम बंगाल सरकार ने उन परिवारों की मदद के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिनके सदस्यों की 2001 से राजनीतिक हिंसा में जान चली गई थी। 30 अक्टूबर को इस योजना का ऐलान हुआ, जिसमें इन परिवारों के एक योग्य सदस्य को ग्रुप-D सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया है। इसका मकसद इन परिवारों को आर्थिक तौर पर सहारा देना है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की मासिक आय 50,000 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही परिवार का कोई भी सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में न हो और न ही कोई आयकर भरता हो।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
आवेदकों को भारत का नागरिक और पश्चिम बंगाल का निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही, उनके पास ग्रुप-D पदों के लिए तय न्यूनतम शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए, जो 8वीं पास या उसके बराबर है। मृतक के आश्रितों में पति/पत्नी, बेटा, बेटी या तीसरा जेंडर वाला बच्चा शामिल हैं। अगर पीड़ित अविवाहित था, तो उसका भाई या बहन भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते माता-पिता और सभी भाई-बहन पूरी तरह से मृतक पर निर्भर रहे हों। योग्य आवेदकों को अपना आवेदन तय प्रारूप में उस जिले के जिलाधिकारी के पास जमा करना होगा, जहां घटना हुई थी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली एक जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी आवेदनों की जांच करेगी और उन्हें मिलने के 90 दिनों के भीतर निपटाएगी। आगे की प्रक्रिया के लिए कमेटी अपनी सिफारिशें आगे भेजेगी। अगर कोई विवाद होता है, तो एक राज्य स्तरीय पैनल इसमें दखल देगा। अंतिम नियुक्तियां स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश, पदों की उपलब्धता, पुलिस सत्यापन और मेडिकल जांच पर निर्भर करेंगी।