नंदीग्राम उपचुनाव: हत्या के आरोपी की जमानत पर बवाल, मतदान से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सरकार
पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की अपील की है। यह अपील कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने के बाद की गई है, जिससे वे नंदीग्राम उपचुनाव में प्रचार कर पा रहे हैं। जबकि उनके खिलाफ 6 आपराधिक मामलों में छह गैर-जमानती वारंट हैं, जिनमें 4 हत्या के मामले भी शामिल हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि सिर्फ चुनाव के लिए उन्हें इस तरह जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर को करेगा। ठीक इसके अगले दिन, यानी 6 अक्टूबर को, मतदान होना है।
मिलन प्रधान को 3 हफ्तों की जमानत मिली
प्रधान को इसी महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 29 सितंबर को 3 हफ्तों की जमानत मिली, जो 2007 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े पुराने मामलों से संबंधित है।
जमानत के लिए उन्हें हर मामले में 20,000 रुपये का बॉन्ड भरना होगा और साथ ही उन्हें लगातार अधिकारियों के संपर्क में भी रहना पड़ेगा। उनकी जमानत मतदान के दिन के बाद खत्म हो रही है। ऐसे में, कानूनी मुश्किलों के बावजूद, कांग्रेस उन्हें इस बड़े मुकाबले में अपना प्रमुख चेहरा बनाए रख पाएगी।