पश्चिम एशिया में भारत क्यों नहीं करेगा मध्यस्थता? दोरईस्वामी ने दिया दो टूक जवाब
चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने बीजिंग में वर्ल्ड पीस फोरम में साफ कर दिया है कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संघर्ष में मध्यस्थता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में भारत खुद को पाकिस्तान के समान नहीं देखता है। दोरईस्वामी ने बताया कि कोई भी देश तभी किसी मामले में शामिल हो, जब उसमें उसका खुद का हित जुड़ा हो। उनका मानना था कि इस समय मध्यस्थता करने से भारत को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
दोरईस्वामी बोले- पाकिस्तान से ज्यादा दुनिया से जुड़ा है भारत
दोरईस्वामी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत दुनिया से पाकिस्तान के मुकाबले कहीं ज्यादा जुड़ा हुआ है। खासकर यूरोप और एशिया के साथ भारत के संबंध काफी मजबूत हैं। दोरईस्वामी का कहना था कि देशों को उनकी असलियत और दुनिया में उनके योगदान के आधार पर देखा जाना चाहिए, न कि सिर्फ ऊपरी तुलना करके। मध्यस्थता के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि भारत और चीन दोनों ही एक व्यावहारिक तरीका अपनाते हैं। वे तभी किसी मामले में हस्तक्षेप करते हैं, जब वह उनकी प्राथमिकताओं में सही बैठता हो।