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#NewsBytesExplainer: कैसे हैं भारत-वेनेजुएला के रिश्ते, उथल-पुथल का हम पर क्या होगा असर?
वेनेजुएला में उथल-पुथल के बाद भारत के सामने भी कई चिंताएं उभरी हैं

#NewsBytesExplainer: कैसे हैं भारत-वेनेजुएला के रिश्ते, उथल-पुथल का हम पर क्या होगा असर?

लेखन आबिद खान
Jan 04, 2026
10:54 am

क्या है खबर?

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यूयॉर्क में एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और अब मुकदमा चलाने की तैयारी है। इसी के साथ वेनेजुएला के भविष्य को लेकर अनिश्चितताएं हैं और नई दिल्ली भी इससे चिंतित है। अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर तनातनी, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते ऐसे पहलू हैं, जो भारत की चिंताएं बढ़ा रहे हैं।

व्यापार

भारत-वेनेजुएला में कितना व्यापार होता है?

2019-20 में भारत और वेनेजुएला के बीच 57,582 करोड़ रुपये का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। हालांकि, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात बहुत कम कर दिया है, जिसके चलते 2020-21 में द्विपक्षीय व्यापार 11,440 करोड़ रुपये रह गया। 2021-22 में ये आंकड़ा और कम होकर 3,816 करोड़ रुपये और 2022-23 में 3,879 करोड़ रुपये रहा। भारत मुख्य रूप से वेनेजुएला से केवल कच्चा तेल ही खरीदता है।

राजनीतिक

कैसे हैं भारत-वेनेजुएला के राजनीतिक रिश्ते?

2005 में तत्कालीन वेनेजुएलाई राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने भारत का दौरा किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। मादुरो भी अगस्त, 2012 में बतौर विदेश मंत्री भारत आए थे। 2013 में शावेज के अंतिम संस्कार में तत्कालीन कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री सचिन पायलट शामिल हुए थे। सितंबर, 2016 में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी वेनेजुएला गए थे। अगस्त, 2023 में कार्यकारी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज भी भारत आई थीं।

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तेल

कच्चे तेल को लेकर बढ़ सकती हैं चिंताएं

द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, दिसंबर 2023 में भारत कुछ समय के लिए वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। आंकड़े बताते हैं कि 2024 में वेनेजुएला से भारत का औसत तेल आयात बढ़कर लगभग 63,000-100,000 बैरल प्रतिदिन हो गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 500 प्रतिशत ज्यादा था। IEA के अनुसार, 2025 के शुरुआती महीनों में भी भारत वेनेजुएला के तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार था।

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ऊर्जा

ऊर्जा संकट भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात कच्चा तेल भंडार है। वहां उथल-पुथल वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों को बढ़ा सकती है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए, तेल की कीमतों में मामूली वृद्धि भी चालू खाता घाटे पर दबाव डाल सकती है, रुपये को कमजोर कर सकती है और महंगाई बढ़ा सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं अभी भी नाजुक हैं।

कूटनीति

कूटनीति के स्तर पर भी बड़ी चुनौती

भारत के लिए ये एक कूटनीतिक मसला भी है। एक तरफ अमेरिका का ये कदम साफतौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो दूसरी तरफ भारत नियम आधारित व्यवस्था का हिमायती रहा है। भारत ने ऐतिहासिक रूप से वेनेजुएला के साथ व्यावहारिक संबंध बनाए रखे हैं, जबकि अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत किया है। दूसरी ओर, वेनेजुएला को रूस और चीन जैसे प्रमुख भारतीय साझेदारों का भी समर्थन है, जिन्होंने अमेरिकी नीतियों की आलोचना की है।

भारत

अभी तक के घटनाक्रम पर भारत का क्या रुख रहा है?

भारत सरकार ने वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से सावधानी बरतने को और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा, "भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें। जो भारतीय वेनेजुएला में हैं, उन्हें सावधानी बरतने, आवाजाही सीमित रखने और भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।"

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