उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान- लाइव अपडेट्स
बचाव अभियान खत्म, अस्पताल ले जाए गए मजदूर
उत्तराखंड सुरंग में फंसे सभी मजदूर बाहर निकाल लिए गए हैं। उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। इसी के साथ पिछले 17 दिनों से चल रहा बचाव अभियान भी खत्म हो गया है।मजदूरों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा है। प्राथमिक जांच के बाद स्वस्थ पाए जाने पर सभी को अपने-अपने घरों की ओर रवाना किया जाएगा।
प्रियंका गांधी बोलीं- बचाव अभियान के हर जांबाज को सलाम
प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा, 'उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में पिछले 17 दिनों से जीवन-मृत्यु के बीच फंसे हुए सभी मजदूर भाई सकुशल बाहर आ गये हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए एक-एक जांबाज को सैल्यूट। आपने देश-भर की दुआओं को कामयाब करके दिखा दिया है। मजदूर भाई जल्द से जल्द स्वस्थ हों। उनके परिजनों को खूब बधाई।'
राष्ट्रपति ने भी दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर लिखा, 'मुझे यह जानकर राहत और खुशी महसूस हो रही है कि उत्तराखंड में एक सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को बचा लिया गया है। 17 दिनों से अधिक की उनकी पीड़ा मानव सहनशक्ति का एक प्रमाण है। राष्ट्र उनके लचीलेपन को सलाम करता है और अपने घरों से बहुत दूर, बड़े व्यक्तिगत जोखिम पर भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए उनका आभारी है। मैं उन टीमों और सभी विशेषज्ञों को बधाई देती हूं, जिन्होंने सबसे कठिन बचाव अभियानों में से एक को पूरा करने के लिए अविश्वसनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया है।'
5-5 एंबुलेंस के समूह में अस्पताल भेजे जा रहे मजदूर
मजदूरों को 5-5 एंबुलेंस के समूह में अस्पताल भेजा जा रहा है। हर एंबुलेंस में एक-एक मजदूर है। अभी तक कुल 10 एंबुलेंस घटनास्थल से रवाना की जा चुकी है। एंबुलेंस का रास्ता साफ रखने के लिए आगे-पीछे पुलिस वाहनों को भी लगाया गया है।
प्रधानमंत्री बोले- ये सफलता भावुक करने वाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है। मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।'
आनंद महिंद्रा बोले- ये कृतज्ञता का समय
महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने बचाव दल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह कृतज्ञता का समय है। हर उस व्यक्ति को धन्यवाद, जिन्होंने इन 41 बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने के लिए पिछले 17 दिनों में अथक प्रयास किया। किसी भी खेल की जीत से अधिक, आपने देश की आत्माओं को ऊपर उठाया है और हमें हमारी आशा में एकजुट किया है। आपने हमें याद दिलाया है कि किसी भी सुरंग से निकलना मुश्किल नहीं है, कोई भी कार्य असंभव नहीं है जब हमारे कार्य और प्रार्थनाएं सहयोगात्मक और सामूहिक हों।"
नितिन गडकरी ने मजदूरों को दी शुभकामनाएं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, "मुझे बेहद खुशी है कि सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को सफलतापूर्वक बचाया गया है। PMO के नेतृत्व में सभी एजेंसियों ने दिन-रात काम किया है। मैं उन श्रमिकों को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं, जिन्हें बचा लिया गया है। मैं उन कर्मियों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने बचाव अभियान में मदद की है।'
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- ये बेहद राहत और हर्ष की बात
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन टनल में पिछले 17 दिनों से फंसे हुए मजदूरों को आज सकुशल टनल से बाहर निकाला गया। ये हम सभी के लिए बेहद राहत और हर्ष की बात है। 140 करोड़ भारतीयों की प्रार्थना व NDMA समेत सभी एजेंसियों का इतने दिनों से चल रहा ऑपरेशन आखिरकार कामयाब हुआ, आप सभी को बधाई।'
5 मजदूरों को लेकर रवाना हुई एंबुलेंस
5 मजदूरों को लेकर घटनास्थल से एंबुलेंस रवाना हो गई हैं। मजदूरों को यहां से 30 किलोमीटर दूर चिंयालीसौड़ के विशेष अस्पताल ले जाया जा रहा है। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।
उत्तराखंड बचाव अभियान खत्म, सभी मजदूर सुरक्षित निकाले गए
उत्तराखंड सुरंग हादसे का बचाव अभियान खत्म हो गया है। 17 दिनों से फंसे सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सुरंग से बाहर निकालने के बाद मजदूरों की प्राथमिक जांच की गई और लोगों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। मजदूरों को गरम जैकेट भी दिए गए हैं।
सुरंग से सभी मजदूर बाहर निकाले गए
सुरंग से सभी 41 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। 17 दिनों बाद इन मजदूरों ने खुली हवा में सांस ली है। फिलहाल सभी को प्राथमिक इलाज के लिए बनाए गए विशेष अस्पताल ले जाया जा रहा है।
सुरंग के बाहर जश्न का माहौल
सुरंग के बाहर जश्न का माहौल है। लोग पटाखे फोड़ रहे हैं और भारत माता की जय के नारे लगा रहे हैं।
कांग्रेस ने बचाव टीम को दी बधाई
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा, '17 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उत्तराखंड की सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकाला जा रहा है। पूरा देश श्रमिकों के उल्लेखनीय लचीलेपन और धैर्य को सलाम करता है। देश पूरी रेस्क्यू टीम के समर्पण, कौशल और दृढ़ता की भी सराहना करता है और उन्हें तहेदिल से धन्यवाद देता है।'
सुरंग से 35 मजदूर बाहर आए
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, सुरंग से अब तक 35 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।
बाहर निकाले जा रहे मजदूरों से मिल रहे मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुरंग से बाहर निकाले गए मजदूरों से मिल रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह भी उनके साथ हैं। धामी ने सुरंग में फंसे मजदूरों और उनके निकालने वाले बचाव कर्मियों के साहस की प्रशंसा की। सुरंग में मजदूरों के परिजन भी मौजूद हैं।
अभी तक निकाले गए 10 मजदूर
अभी तक 10 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है और उनकी सुरंग में ही स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अगले कुछ घंटों में सभी मजदूर बाहर आ सकते हैं।
मजदूरों को बाहर निकाल रहीं NDRF की 3 टीमें
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 3 टीमें मजदूरों को बाहर निकालने में लगी हुई हैं। मजदूरों को अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस खड़ी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक मजदूर को निकालने में 3 से 5 मिनट लग रही हैं।
मजदूरों को निकालने का काम शुरू
सुरंग से मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू हो गया है और 2 मजदूरों को स्ट्रैचर की मदद से बाहर निकाला जा चुका है। अगले 2-3 घंटे में सभी मजदूरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया जाएगा।
कब तक बाहर आ सकते हैं मजदूर?
बचाव कर्मियों के मुताबिक, कभी भी मजदूरों का बाहर निकालने का काम शुरू हो सकता है। NDMA अधिकारियों ने कहा है कि 2 मीटर की खुदाई का काम और बाकी है। इसके बाद अंतिम पाइप डाला जाएगा। एक मजदूर को निकालने में 3 से 5 मिनट का समय लगेगा। आज रात तक ही सभी मजदूरों को बाहर निकाले जाने की उम्मीद है।
मजदूरों और उनके परिवार की हमें चिंता- उत्तर प्रदेश के मंत्री
उत्तर प्रदेश के मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा, "हमारी संवेदना मजदूरों के साथ हैं। निश्चित रूप से केंद्र की सरकार गंभीर है। मजदूरों को निकालने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। मजदूरों और उनके परिवार की हमें चिंता है। भगवान की कृपा से सब सकुशल निकलेंगे।"