कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की तैयारी: 75 डेसीबल आवाज और 60,000 पुलिसकर्मी
इस साल कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और उत्तर प्रदेश सरकार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है। राज्यभर में 60,000 से भी ज्यादा पुलिस कांस्टेबल और लगभग 5,500 सब-इंस्पेक्टर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा, ATS और NDRF जैसी विशेष टीमें भी मोर्चा संभालेंगी। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह विशाल यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए शांतिपूर्ण और बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
10 फीट ऊंचे कांवर और 75 डेसीबल तक ही आवाज
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील जगहों पर, जैसे शिव मंदिर, मुख्य रास्ते और जल निकाय कड़ी चौकसी रखी जाएगी। इन जगहों पर बहु-स्तरीय जांच की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं से यह भी कहा गया है कि वे एक्सप्रेसवे की बजाय पारंपरिक कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करें।
इसके अलावा, कई कड़े नियम भी लागू किए गए हैं। कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, और साउंड सिस्टम की आवाज 75 डेसीबल से कम रखनी होगी। यात्रा के दौरान किसी भी तरह के भड़काऊ संगीत या हथियारों की अनुमति नहीं होगी।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए मंदिरों और जल निकायों के पास खास टीमें तैनात रहेंगी। साथ ही, रास्ते में खाने-पीने के स्टॉल की स्वच्छता की भी जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत खबर न फैले।