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उत्तर प्रदेश में सड़क के गड्ढे से एक 'ब्रेन डेड' महिला में लौटी जिंदगी, जानिए कैसे
उत्तर प्रदेश में सड़कों पर गड्ढों की वजह से लौटी महिला की जिंदगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश में सड़क के गड्ढे से एक 'ब्रेन डेड' महिला में लौटी जिंदगी, जानिए कैसे

लेखन गजेंद्र
Mar 11, 2026
10:15 am

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश में सड़क का गड्ढा एक महिला के लिए वरदान साबित हुआ। एम्बुलेंस के गड्ढे में हिचकोले खाने से अनजाने में 'ब्रेन डेड' महिला की जिंदगी लौट आई है। यह घटना पीलीभीत निवासी विनीता शुक्ला के साथ घटी है। उनको बरेली के डॉक्टरों ने 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया था, जिसके बाद उनके पति कुलदीप कुमार शुक्ला उनको वापस घर ला रहे थे। तभी बरेली-हरिद्वार के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-74) पर हाफिजगंज में एम्बुलेंस में झटका लगा था।

घटना

क्या है पूरा मामला?

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 50 वर्षीय विनीता पीलीभीत की न्यायिक अदालत में कॉपी सेक्शन में वरिष्ठ सहायक थीं। वह 22 फरवरी की शाम घर का काम करते समय अचानक बेहोश हो गई। उनको तुरंत पीलीभीत के स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली के हायर सेंटर में रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने 2 दिन उनका इलाज किया और उन्हें "ब्रेन-डेड" घोषित कर 24 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी।

चमत्कार

घर लौटते समय हुआ चमत्कार

विनीता के पति कुलदीप ने बताया कि वह 24 फरवरी को अपनी पत्नी को घर वापस ला रहे थे। उनकी सांसें नहीं चल रही थीं, केवल दिल की धड़कन धीमी पड़ रही थी। तभी हाफिजगंज के पास एम्बुलेंस गड्ढों से भरी सड़क पर उछल गया। अचानक एक जोरदार झटके के बाद विनीता ने सांस लेना शुरू कर दिया। इसके बाद वे तुरंत उसे घर न ले जाकर पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल ले गए।

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इलाज

इलाज के बाद घर लौटी विनीता

कुलदीप ने बताया कि अस्पताल में गहन चिकित्सा देखभाल के बाद सोमवार को विनीता घर लौट आई हैं, वह होश में हैं और सभी से बात कर रही हैं। न्यूरोसिटी अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ राकेश सिंह ने बताया कि उन्होंने इलाज शुरू करने से पहले बरेली अस्पताल में अपने समकक्षों से पूरी जानकारी ली थी। बरेली में विनीता के ब्रेनस्टेम रिफ्लेक्स अनुपस्थित थे, जबकि ग्लासगो कोमा स्केल सामान्य स्तर 15 के मुकाबले 3 अंक था, जो अनुक्रियाहीनता का संकेत है।

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जानकारी

डॉक्टर क्या कहते हैं?

डॉक्टर सिंह ने बताया कि विनीता की आंखों में पुतलियों का फैलाव (मायड्रायसिस) पाया गया, जो उनके मस्तिष्क की निष्क्रियता और जीवन के घटने का संकेत था। उनके रक्त और लसीका तंत्र में भारी न्यूरोटॉक्सिन पाए गए। निदान-उपचार से उनकी रिकवरी में सहायता मिली।

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