मोदी ने ट्रंप को नहीं किया फोन, इसलिए नहीं हुआ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता- अमेरिकी वाणिज्य सचिव
क्या है खबर?
अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता न होने की बड़ी और चौंकाने वाली वजह बताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मामले पर फोन पर बात नहीं की, इसी वजह से समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ये लंबित समझौता नीतिगत मतभेदों के कारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के ट्रंप से सीधे बात नहीं करने के चलते नहीं हो सका।
बयान
लुटनिक बोले- समझौता पूरा करने के लिए फोन करना जरूरी था
लुटनिक ने कहा, "पूरा व्यापार समझौता तैयार था , लेकिन इसे अंतिम रूप देने के लिए मोदी को ट्रंप को फोन करना जरूरी था। भारत को बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध समय सीमा 'तीन शुक्रवार' की दी गई थी। भारतीय सरकार इससे सहमत नहीं थी और अंततः मोदी ने फोन नहीं किया। इसका परिणाम क्या हुआ? भारत को वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों ने पीछे छोड़ दिया, जो बातचीत की कतार में पीछे थे।"
ट्विटर पोस्ट
यहां सुने अमेरिकी वाणिज्य सचिव का बयान
Breaking: US Commerce Secretary Lutnick says India, US trade deal did not happen because 'Modi didn't call the President' pic.twitter.com/cVo6ww3fh4
— Sidhant Sibal (@sidhant) January 9, 2026
बात
ट्रंप से बात करने में असहज थे मोदी- लुटविक
लुटविक ने आगे बताया, "यह सौदा पहले से तय था। लेकिन स्पष्ट कर दूं कि यह उनका (ट्रंप का) सौदा है। सौदा उन्हीं ने किया और संपन्न कराया। बस मोदी को राष्ट्रपति से बात करनी थी। वे ऐसा करने में असहज महसूस कर रहे थे। मोदी ने बात नहीं की। हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए। हमने उनसे पहले भारत के साथ व्यापार समझौते की उम्मीद की थी।"
समझौता
व्यापार समझौते की अब क्या स्थिति है?
लुटनिक ने बताया कि जिन शर्तों के तहत भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था, वे अब विचाराधीन नहीं हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिका उस व्यापार समझौते से पीछे हट गया है, जिस पर हम पहले सहमत हुए थे। हम अब इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं।" उन्होंने बताया कि देरी का मुख्य कारण भारत की आंतरिक राजनीतिक और संसदीय प्रक्रियाओं की जटिलता है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इसका समाधान निकाल लेगा।
फोन कॉल
जुलाई, 2024 में ट्रंप ने 4 बार मोदी को किया था फोन
पिछले साल न्यूयॉर्क टाइम्स और एक जर्मन अखबार ने दावा किया था कि ट्रंप ने जुलाई में मोदी को 4 बार फोन किया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने बात करने से इनकार कर दिया था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-पाकिस्तान में युद्धविराम को लेकर भी ट्रंप से बात की थी और अमेरिकी हस्तक्षेप से इनकार किया था। इससे ट्रंप नाराज बताए जाते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ट्रंप ने फोन किया था।
टैरिफ
अमेरिका ने लगाया है भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। इसमें से 25 प्रतिशत रूस से तेल खरीदी को लेकर है। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि मोदी टैरिफ के चलते उनसे खुश नहीं है। ट्रंप इससे पहले भी दावा कर चुके हैं कि टैरिफ के चलते भारत रूस से तेल खरीदी कम कर रहा है। ट्रंप ने ऐसे विधेयक को भी मंजूरी दी है, जिससे भारत समेत कुछ देशों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकेगा।