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गौतम अडाणी और उनके भतीजे को अमेरिका से राहत, ट्रंप प्रशासन ने वापस लिया आपराधिक मुकदमा
गौतम अडाणी और उनके भतीजे को अमेरिका से राहत

गौतम अडाणी और उनके भतीजे को अमेरिका से राहत, ट्रंप प्रशासन ने वापस लिया आपराधिक मुकदमा

लेखन गजेंद्र
May 19, 2026
10:37 am

क्या है खबर?

भारतीय अरबपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को अमेरिका में चल रहे आपराधिक मुकदमे में राहत मिली है। अमेरिकी न्याय विभाग ने उनके खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से हटा दिए हैं, जिससे न्यूयॉर्क में चल रहे एक हाईप्रोफाइल रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी मामला समाप्त हो गया। न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में न्याय विभाग ने याचिका दायर कर कहा कि वह मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता है।

कोर्ट

दोबारा नहीं खोला जा सकता मामला

न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की एक संघीय अदालत में अभियोजकों ने दायर एक याचिका में कहा, "न्याय विभाग ने इस मामले की समीक्षा की है और अपने अभियोजन संबंधी विवेक के आधार पर, व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर और संसाधन खर्च न करने का निर्णय लिया है।" इसके बाद अदालत ने अभियोग को 'पूर्वाग्रह सहित' खारिज कर दिया, जिसका अर्थ है कि भविष्य में इस मामले को दोबारा नहीं खोला जा सकता।

राहत

OFAC के आरोपों में भी राहत

आरोपों को वापस लेने का निर्णय अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) की उस घोषणा के बाद आया, जिसमें उसने अडाणी से जुड़े एक संबंधित मुकदमे में सहमति से अंतिम निर्णय पारित करने के लिए आवेदन किया था। अडाणी को ईरान पर विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के प्रतिबंधों के स्पष्ट उल्लंघन में भी राहत मिली है। समूह ने संभावित नागरिक देयता को निपटाने के लिए 27.50 करोड़ डॉलर (करीब 2,649 करोड़ रुपये) का भुगतान करने पर सहमति जताई है।

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वकील

अडाणी ने ट्रंप के वकील को किया था नियुक्त

गौतम अडाणी, सागर अडाणी और विनीत जैन की ओर से रॉबर्ट जे गिफ्रा जूनियर और जेम्स मैकडॉनल्ड कानूनी कार्यवाही में प्रतिनिधित्व कर रहे थे। रॉबर्ट गिफ्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील हैं। गिफ्रा जूनियर, स्कॉट डी मिलर के साथ सुलिवन एंड क्रॉमवेल एलएलपी के सह-अध्यक्ष हैं। इसके अलावा, अडाणी का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वकील टिमोथी सिनी (निक्सन पीबॉडी) और एंड्री स्पेकटर (नॉर्टन रोज़ फुलब्राइट) भी थे।

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आरोप

अडाणी पर क्या थे आरोप?

SEC ने नवंबर 2024 में अडाणी समूह पर अमेरिकी बिजली कंपनियों के साथ सौर ऊर्जा अनुबंध के लिए भारतीय अधिकारियों को 2,300 करोड़ रुपये रिश्वत देने का आरोप लगाया था। दावा है कि ये बात अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छिपाई गई। समूह को अनुबंध मिलने से 16,000 करोड़ रुपये लाभ की उम्मीद थी। अमेरिकी कोर्ट ने अडाणी और उनके भतीजे सागर समेत 8 को आरोपी बनाया है। हालांकि, अडाणी समूह ने आरोप नकार दिए थे।

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