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अमेरिका ने 'जबरन श्रम' आयात उल्लंघन में भारत को घसीटा, 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा
अमेरिका 'जबरन श्रम' आयात उल्लंघन में भारत पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा (फाइल तस्वीर)

अमेरिका ने 'जबरन श्रम' आयात उल्लंघन में भारत को घसीटा, 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा

लेखन गजेंद्र
Jun 03, 2026
10:53 am

क्या है खबर?

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर जारी बातचीत के बीच अमेरिका ने भारत पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। दरअसल, मंगलवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (UTR) ने धारा-301 के तहत की गई 60 जांचों की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत को व्यापार प्रथाओं का उल्लंघन करने वाला बताया है। जांच रिपोर्ट में अमेरिका ने 59 देशों को शामिल किया है, जिन पर 10 से 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है।

जांच

जांच रिपोर्ट में क्या है?

धारा-301 की जांचों के अंतर्गत रिपोर्ट में विभिन्न देशों के कार्यों, नीतियों और प्रथाओं का आकलन किया है, जिसमें जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता रही है। रिपोर्ट में भारत को लेकर कहा गया है कि UTR ने पाया कि भारत जबरदस्ती मजदूरी के आयात पर रोक लगाने और उसे असरदार तरीके से लागू करने में नाकाम रहा है, जो अमेरिका पर बोझ डालती है।

जांच

धारा 301 क्या है?

UTR द्वारा घोषित प्रस्तावित कार्रवाई, 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के अंतर्गत आती है। इसी के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कार्यकाल में चीनी आयात पर शुल्क लगाया था। धारा-301 कानून के तहत अमेरिका को उन देशों पर टैरिफ लगाने की अनुमति मिलती है, जिनके बारे में उसका मानना ​​है कि वे अनुचित प्रथाओं के माध्यम से अमेरिकी व्यापार हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अमेरिका ने इसी के तहत 60 देशों की जांच की थी।

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प्रस्ताव

पाकिस्तान समेत इन देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ

रिपोर्ट में UTR ने पाकिस्तान, कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया और मैक्सिको पर 10 प्रतिशत की कम टैरिफ का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों ने जबरन श्रम आयात को संबोधित करने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है और अमेरिका के साथ पारस्परिक व्यापार पर एक औपचारिक समझौते (ART) के माध्यम से जबरन श्रम आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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टैरिफ

7 जुलाई से लागू हो सकते हैं टैरिफ

रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रस्तावित टैरिफ 7 जुलाई से लागू किए जा सकते हैं, क्योंकि UTR वर्तमान में इन प्रस्तावित कार्रवाइयों पर जनता की राय मांग रहा है। लोग अपनी लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई तक जमा कर सकते हैं और 7 जुलाई, 2026 को एक सार्वजनिक सुनवाई बुलाई गई है। भारत पर अमेरिका का पहले से 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है, ऐसे में नया टैरिफ मिलाकर 22.5 प्रतिशत हो जाएगा।

टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ हटाने बाद अमेरिका ने शुरू की थी जांच

भारत-अमेरिका ने 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया था, जिसमें अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया था। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सभी पारस्परिक टैरिफ को रद्द कर दिया, जो व्यापार समझौतों पर बातचीत करने का प्रमुख आधार था। इसके बाद अमेरिका ने सभी आयात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया और सभी प्रमुख निर्यातकों के खिलाफ धारा-301 के तहत जांच शुरू की थी।

टैरिफ

व्यापार समझौते से थोड़ी दूर है अमेरिका और भारत

अमेरिका ने यह टैरिफ ऐसे समय पर लगाया है, जब दोनों देश बहुप्रतिक्षित व्यापार समझौता करने से मात्र कुछ दूरी हैं। पिछले दिनों अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने IIT दिल्ली में कहा था कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, जिस पर जल्द हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने कहा था कि 99 प्रतिशत समझौता हो चुका है और दोनों पक्ष शेष बचे एक प्रतिशत को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह भारत आएगा।

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