उत्तर प्रदेश में बेमौसम तूफान के कारण 111 लोगों की मौत, दिल्ली-NCR में भी दिखा असर
मौसम से पहले आए तेज तूफानों से उत्तर भारत काफ़ी प्रभावित हुआ है। खासकर उत्तर प्रदेश में, जहां लगभग 111 लोगों की जान चली गई। दिल्ली-NCR में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निचले वायुमंडल में मौजूद नम पूर्वी हवाएं ऊपरी वायुमंडल की सूखी पश्चिमी हवाओं से टकरा गईं। शुक्रवार सुबह दिल्ली में हवा की गति 68 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। हालांकि, बारिश बहुत कम हुई। इसी समय उत्तर प्रदेश के कुछ पश्चिमी जिलों में हवाओं की रफतार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
उत्तर-पश्चिम भारत में मई के तूफान आम हैं
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मई के महीने में उत्तर-पश्चिम भारत में ऐसे तूफानी हालात अक्सर देखने को मिलते हैं। दरअसल, यह तब होता है जब जमीन की गर्म हवाएं नमी भरी हवाओं से मिलती हैं। इसके कारण गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरना जैसी घटनाएं होती हैं। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हर साल मई के महीने में औसतन 3.6 दिन तेज़ हवाएं (स्क्वॉल डे) और 5.9 दिन गरज-चमक वाले तूफान (थंडरस्टॉर्म डे) आते हैं। IMD के अनुसार, दिल्ली में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा। हालांकि, गरज-चमक की संभावना भी है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 19-20 मई के आसपास बारिश या तूफान आ सकते हैं। साथ ही, राज्य के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की भी आशंका है। ऐसे में मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी है।