उन्नाव रेप मामला: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के भाई को आत्मसमर्पण करने का आदेश
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई जयदीप सेंगर को आत्मसमर्पण का आदेश दिया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह हिरासत में मौत के मामले में सजा के निलंबन के लिए जयदीप की याचिका पर तब तक सुनवाई नहीं करेगा जब तक अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण नहीं कर देता। मामले की सुनवाई 24 फरवरी तक स्थगित है।
सुनवाई
कोर्ट ने कहा- भगोड़ा घोषित किया जाना चाहिए था
बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और आत्मसमर्पण न करने के कारण सेंगर को भगोड़ा घोषित किया जाना चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि सजा के अंतरिम निलंबन के आदेश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। सेंगर को तुरंत आत्मसमर्पण करना होगा। कोर्ट ने कहा, "आपको पहले बताया जा चुका है कि सजा की स्थगन अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी। जब तक आत्मसमर्पण नहीं करते, तब तक सुनवाई नहीं होगी।"
सुनवाई
कल तक आत्मसमर्पण का मौका, वरना CBI करेगी कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, जयदीप की ओर से कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील प्रमोद कुमार दुबे ने बताया कि जयदीप चौथे चरण के कैंसर से जुझ रहे हैं और उनका इलाज जारी है। वकील ने कहा कि जयदीप अभी कानपुर में हैं और कल यानी शनिवार तक जांच अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे। वकील के जवाब के बाद कोर्ट ने मौखिक तौर पर कहा कि अगर जयदीप कल तक आत्मसमर्पण नहीं करता, तो केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उचित कार्रवाई केरगी।
अवधि
क्यों आत्मसमर्पण नहीं कर रहे जयदीप?
पीड़िता के पिता की कुलदीप सेंगर के इशारे पर गिरफ्तारी के बाद पुलिस की बर्बरता से उनकी 9 अप्रैल, 2018 को हिरासत में मौत हुई थी। मालमे में दिल्ली की कोर्ट ने कुलदीप-जयदीप और अन्य को मार्च 2020 में दोषी ठहराया था। जयदीप के पक्ष में जुलाई 2024 में चिकित्सा कारणों से सजा का अंतरिम निलंबन हुआ था, जिसे आखिरी बार अप्रैल 2025 में बढ़ाया गया। इसके बाद अंतरिम निलंबन नहीं बढ़ाया गया। फिर भी, जयदीप आत्मसमर्पण नहीं कर रहे।