स्वदेशी सैन्य AI पर काम करेगा भारत, विदेशी तकनीक पर कम होगी निर्भरता?
भारत ने हाल ही में घोषणा की है कि वह इंडियाAI मिशन के तहत स्वदेशी सैन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम कर रहा है। इसका मकसद रक्षा क्षेत्र में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना और संवेदनशील डाटा को सुरक्षित रखना है। सरकार इंडियाAI मिशन के तहत चुनी गई निजी कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे AI तैयार कर रही है जो बेहतर फैसले लेने, लक्ष्य की पहचान करने और सेना के विभिन्न अंगों की जानकारियों को एक साथ जोड़ने में सक्षम होगा।
प्रस्तावित रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया से स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा
यह पहल भारत की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसमें देश में ही ज्यादा से ज्यादा रक्षा तकनीक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत भारत में डिजाइन किए गए उपकरणों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि, पूरी तरह से स्वदेशीकरण करना आसान नहीं है। भारत क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है और कई स्टार्टअप को सेना से अनुबंध भी मिल चुके हैं। हालांकि, अपनी रक्षा तकनीक खुद बनाने पर भारत का जोर है, फिर भी देश दोस्ताना देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। भारत ने रक्षा निर्यात में भी रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें यूरोप से नए अवसर मिल रहे हैं। अब भारत सिर्फ पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर भी निर्यात कर रहा है।