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यूक्रेन दूतावास ने UAPA मामले में 6 नागरिकों की गिरफ्तारी को साजिश बताया, रूस पर शक
यूक्रेन दूतावास ने UAPA मामले में 6 नागरिकों की गिरफ्तारी को साजिश बताया

यूक्रेन दूतावास ने UAPA मामले में 6 नागरिकों की गिरफ्तारी को साजिश बताया, रूस पर शक

लेखन गजेंद्र
Mar 19, 2026
06:37 pm

क्या है खबर?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार अपने 6 नागरिकों को लेकर यूक्रेन दूतावास ने चिंता जताई है। दिल्ली में दूतावास ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा कि इस कार्यवाही की शुरुआत रूसी पक्ष द्वारा प्रदान की गई जानकारी से प्रेरित लगती है। दूतावास ने उन परिस्थितियों पर भी गंभीर चिंता जताई, जो इस मामले की संभावित सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रकृति की ओर इशारा करती है।

साजिश

यूक्रेनी दूतावास ने क्या कहा?

दूतावास ने बयान में लिखा, "यूक्रेनी 6 नागरिकों की हिरासत के मामले में सार्वजनिक उपलब्ध जानकारी को देखते हुए, यह संकेत देती है कि इस कार्यवाही की शुरुआत रूसी पक्ष द्वारा प्रदान जानकारी से प्रेरित थी। भारत में यूक्रेनी दूतावास उन परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जताता है जो मामले की संभावित सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रकृति पर इशारा करती है। यूक्रेन आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने में यूक्रेनी राज्य की संभावित संलिप्तता के आरोपों को खारिज करता है।"

जांच

यूक्रेन ने निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच की मांग की

दूतावास ने आगे लिखा, "यूक्रेन का कहना है कि आतंकवाद से संबंधित किसी भी आरोप पर केवल सत्यापित तथ्यों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और पूर्ण अंतर-सरकारी सहयोग के आधार पर विचार होना चाहिए। यूक्रेन मामले की जांच में निष्पक्षता, पारदर्शिता और तटस्थता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। हम सहयोग के लिए तत्पर हैं। उम्मीद है कि भारीतय अधिकारी प्रक्रिया की वैधता, पारदर्शिता और खुलेपन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेनी नागरिकों के अधिकारों का उचित पालन सुनिश्चित करेंगे।"

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गतिविधि

रूस पर फूट डालने का आरोप

दूतावास ने अपने बयान में लिखा, "यूक्रेन का भारत की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी गतिविधि में कोई हित नहीं है। यूक्रेन भारत के साथ सुरक्षा, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने का निरंतर समर्थन करता है। रूस हर परिस्थिति में यूक्रेन-भारत के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। मामले का इस्तेमाल यूक्रेन को बदनाम करने या यूक्रेन-भारत संबंधों में अविश्वास पैदा करने और द्विपक्षीय साझेदारी को नुकसान पहुंचाने का जानबूझकर प्रयास प्रतीत होता है।"

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मामला

क्या है गिरफ्तारी का मामला?

NIA की ओर से दर्ज FIR के अनुसार, सभी 1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिक पूर्वोत्तर में मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में गए, अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश किया और जातीय सशस्त्र संगठनों (EAO) के अलावा भारत में प्रतिबंधित कुछ समूहों के संपर्क में आए। आरोपियों ने सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण दिया, हथियार मुहैया कराए और ड्रोन अभियानों में मदद की। आरोप किराए के सैनिकों के काम से मेल खाते हैं। सभी 11 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं।

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