
उदयपुर हत्याकांड: हत्यारों को हत्या के माध्यम से ही सबक मिलना चाहिए- वरिष्ठ भाजपा नेता
क्या है खबर?
राजस्थान के उदयपुर में दिनदहाड़े एक दर्जी की गला रेत कर हत्या करने की भयावह घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इसी कड़ी में कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता केएस ईश्वरप्पा ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि इन हत्यारों को हत्या के माध्यम से ही सबक सिखाया जाना चाहिए।
उन्होंने और क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं।
बयान
कोई भी राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री को मारने जैसी टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेगा- ईश्वरप्पा
उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों के एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धमकी देने पर नाराजगी जाहिर करते हुए ईश्वरप्पा ने कहा, "लोकतंत्र में इन हत्यारों को हत्या के माध्यम से ही सबक सिखाया जाना चाहिए या उन्हें उचित और कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "जो भी राष्ट्रवादी इस देश में रह रहा है, वो प्रधानमंत्री को मारने की धमकी देने जैसी टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेगा।"
डाटा
अशांति फैलाने वालो की रक्षा किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए- ईश्वरप्पा
ईश्वरप्पा ने कहा, "प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश में शांति की रक्षा की जानी चाहिए, लेकिन इसका मतलब बिल्कुल नहीं है कि देश में इस तरह की दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने वाले और अशांति फैलाने वालों की रक्षा की जानी चाहिए।"
पृष्ठभूमि
क्या है पूरा मामला?
उदयुपर में मंगलवार को मोहम्मद रियाज अंसारी और गौस मोहम्मद नामक दो हमलावरों ने कन्हैयालाल तेली नामक दर्जी की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी।
हमलावर कपड़े सिलवाने के बहाने उसकी दुकान पर आए थे और यहीं वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने दिल दहला देने वाली इस घटना का वीडियो भी बनाया।
दोनों हमलावर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी करने वाली पूर्व भाजपा नेता नुपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण दर्जी से नाराज थे।
सोशल मीडिया
कन्हैयालाल ने 10 दिन पहले नुपुर शर्मा के समर्थन में डाली थी पोस्ट
पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज चौधरी ने बताया कि मृतक कन्हैयालाल तेली (40) गोर्वधन विलास इलाके का रहने वाला था और उसकी धानमंडी स्थित भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है।
उन्होंने बताया कि कन्हैयालाल ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी करने वाली पूर्व भाजपा नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में 10 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी।
इसके बाद से समुदाय विशेष के लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
डाटा
कन्हैयालाल ने कहा था- बेटे ने गलती से किया था फेसबुक पोस्ट
राजस्थान पुलिस ने बताया कि उनकी जांच में कन्हैयालाल ने दावा किया था कि उसे फोन चलाना भी नहीं आता और उसके बेटे ने गलती से आपत्तिजनक पोस्ट फेसबुक पर पोस्ट कर दिया था, जिसके बाद से उसे जान से मारने की धमकी मिलने लगीं।
कार्रवाई
दोनों आरोपी गिरफ्तार, राज्य में धारा 144 लागू
पुलिस ने दोनों आरोपियों को राजसमंद के भीम इलाके में दबोच लिया है। इसकी जानकारी खुद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर पर दी।
घटना के बाद उदयपुर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके बाद राज्य के सभी जिलों में धारा 144 लगा दी गई है।
राजस्थान के ADG ने बताया कि घटनास्थल के आसपास 600 पुलिसबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, वहीं उदयपुर के सात पुलिस थानों के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।