
पूर्व सेनाध्यक्षों ने खारिज किया कांग्रेस का सर्जिकल स्ट्राइक का दावा, कहा- ऐसा कुछ याद नहीं
क्या है खबर?
राहुल गांधी ने शनिवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के समय हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर संदेह जताकर सेना का अपमान कर रही है।
इससे पहले 2 मई को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि मनमोहन सरकार के कार्यकाल में 6 सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी।
अब दो पूर्व सेनाध्यक्षों ने कांग्रेस के इन दावों को झूठा साबित करार दिया है। आइये, पूरा मामला जानते हैं।
जानकारी
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कही सर्जिकल स्ट्राइक की बात
एक इंटरव्यू में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान भी भारतीय सेना ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन उन्होंने कभी भी उन्हें वोट हासिल करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया।
दावा
कांग्रेस का छह सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा
मनमोहन सिंह के इस इंटरव्यू के बाद कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि मनमोहन सरकार में 6 सर्जिकल स्ट्राइक हुईं थीं।
उन्होंने बताया कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक 19 जून, 2008 को जम्मू-कश्मीर के पूंछ के भट्टल सेक्टर में, दूसरी 30 अगस्त-1 सितंबर, 2011 को नीलम नदी की घाटी स्थित शारदा सेक्टर में, तीसरी 6 जनवरी, 2013 को सावन पत्र चेकपोस्ट पर और चौथी सर्जिकल स्ट्राइक 27-28 जुलाई, 2013 को नाजापीर सेक्टर में की गई।
जानकारी
2014 में चुनाव से पहले हुई आखिरी सर्जिकल स्ट्राइक
पांचवी सर्जिकल स्ट्राइक 6 अगस्त, 2013 को नीलम घाटी में हुई। जबकि आखिरी सर्जिकल स्ट्राइक चुनाव साल 2014 में 14 जनवरी को हुई। राजीव से पहले मनमोहन सिंह और राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेता अपने राज में सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर चुके हैं।
दावा खारिज
सेना के पूर्व अधिकारी खारिज कर चुके हैं दावा
वहीं, 2012 से 2014 तक भारतीय सेना के DGMO रहे लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने कांग्रेस राज में कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक होने के दावे को खारिज किया था।
उरी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के उनकी सरकार में भी ऐसी स्ट्राइक होने के दावे पर उन्होंने कहा था, "सर्जिकल स्ट्राइक और तब के ऑपरेशन की तुलना भी नहीं की जा सकती। वो स्ट्राइक भी नहीं थीं, बल्कि महज सीमा पार किए गए कुछ स्थानीय ऑपरेशन थे।"
जानकारी
अब दो पूर्व सेनाध्यक्षों ने उठाए कांग्रेस के दावों पर सवाल
कांग्रेस के इन दावों पर दो पूर्व सेनाध्यक्षों ने सवाल उठाए हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह और जनरल वेद मलिक ने कांग्रेस के इन दावों को झूठ बताया है। मोदी सरकार में मंत्री वीके सिंह 2010-2012 तक सेनाध्यक्ष और वेद मलिक 1997-2000 सेनाध्यक्ष थे।
वेद मलिक
वेद मलिक बोले- ऐसा वाकया याद नहीं आता
वेद मलिक ने लिखा, "ऐसा कोई वाकया याद नहीं आता जब राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को ऐसे अभियान करने को कहा या ऐसी योजनाओं के लिए सहमति दी, सिवाय 1984 में एक को छोड़कर, जब पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए सियाचिन सेक्टर के सोलतोरो रेंज पर कब्जा किया गया था।"
गौरतलब है कि यह ट्वीट अनवेरिफाइड अकाउंट से हुआ है। ऐसे में हम इस अकाउंट के पूर्व सेनाध्यक्ष वेद मलिक से जुड़े होने की पुष्टि नहीं कर सकते।
ट्विटर पोस्ट
ऐसा वाकया याद नहीं- वेद मलिक
Cannot think of any such incidents where political leadership asked armed forces to carry out such a strike or gave assent to such plans by armed forces except one in 1984: to pre-empt Pakistan Army and occupy Soltoro range in Siachen Sector.
— Vedmalik (@Vedmalik1) May 3, 2019
जानकारी
वीके सिंह बोले- कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत
वीके सिंह ने ट्विटर पर लिखा, "कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत है। कोई मुझे बताएगा कि वो मेरे कार्यकाल के दौरान कौन सी 'कथित सर्जिकल स्ट्राइक' का जिक्र कर रहे हैं।"
ट्विटर पोस्ट
कांग्रेस कहानी बना रही- वीके सिंह
Congress has a habit of lying. Will you please let me know which ‘So called Surgical Strike’ are you attributing to my tenure as COAS. Am sure you must have hired some Coupta to invent another story .
— Chowkidar Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh) May 4, 2019