ई-रिक्शा वालों के लिए खुशखबरी, दिल्ली सरकार दे रही 35,000 रुपये
दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का मन बनाया है। सरकार का इरादा ट्रैफिक जाम को कम करना और लोगों की सुरक्षा को बढ़ाना है। खासकर मेट्रो स्टेशनों और बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह कदम उठाया जा रहा है।
अभी दिल्ली में लगभग 2,05,665 ई-रिक्शा रजिस्टर हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा है क्योंकि कई ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के दौड़ रहे हैं।
ड्राफ्ट पॉलिसी में पुरानी ई-रिक्शा छोड़ने पर 35,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि
जब ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख की सीमा तक पहुंच जाएगी, तो नए पंजीकरण रोक दिए जाएंगे। इस नियम के तहत, केवल दिल्ली के निवासी ही ई-रिक्शा का पंजीकरण करवा पाएंगे और एक मालिक को सिर्फ एक ही ई-रिक्शा रखने की अनुमति होगी।
ड्राफ्ट पॉलिसी में एक और खास बात यह है कि पुरानी ई-रिक्शा को कबाड़ में देने पर 35,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यह रकम उन रिक्शा के लिए होगी जो 2015 से 2022 के बीच खरीदी गई थीं।
इसके अलावा, 'ग्रामीण सेवा' वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए 15,000 रुपये दिए जाएंगे।
सरकार ने साफ किया है कि वह अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रास्तों में सुधार करेगी। हालांकि, इस पॉलिसी को अभी कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद ही यह लागू हो पाएगी।