तमिलनाडु सरकार राजस्व घाटा पूरा करने के लिए विदेशी शराब के ब्रांड लाने पर कर रही विचार
तमिलनाडु सरकार विदेशी शराब ब्रांडों को राज्य में लाने पर विचार कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और लोगों को शराब के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। दरअसल, हाल ही में तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) की 717 शराब दुकानें बंद की गई थीं, जो राज्य की कुल दुकानों का करीब 15 प्रतिशत था। इससे राज्य के राजस्व को बड़ा झटका लगा और शराब खरीदने वाले बेहतर विकल्पों की तलाश में बेंगलुरु और पुडुचेरी जाने लगे। अब वैश्विक ब्रांडों को लाकर सरकार चाहती है कि ग्राहक यहीं राज्य में खरीदारी करें और जो राजस्व का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हो सके।
तमिलनाडु TASMAC का होगा कायाकल्प
राज्य सरकार TASMAC के आउटलेट्स को आधुनिक बनाने की भी तैयारी में है। इसका मकसद ग्राहकों को बेहतर माहौल और खरीदारी का आसान अनुभव देना है। इसके अलावा, अधिकारी नाबालिगों को शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। साफ है कि 21 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को शराब नहीं बेची जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्लब सिर्फ तय समय पर और अपने सदस्यों और उनके वैध मेहमानों को ही शराब परोसें।