दिल्ली में 3 दिन ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल, जानें कैसे निपटेंगे आप
दिल्ली-NCR में अब सफर करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। 68 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने 21 से 23 मई तक 3 दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इसका सीधा असर ऑटो, टैक्सी और कैब सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे लोगों को खासी परेशानी हो सकती है। ड्राइवरों का कहना है कि पिछले करीब 15 सालों से उनका किराया नहीं बढ़ा है, जबकि ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। आज पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर, डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर और CNG 80.09 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।
ड्राइवरों की मांग: किराया बढ़े और ECC खत्म हो
ड्राइवर अपनी घटती कमाई से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते खर्चों और ऊबर-ओला जैसी ऐप-आधारित कंपनियों के भारी कमीशन की वजह से उनकी कमाई लगातार घटती जा रही है। इससे उनके हाथ में आने वाला पैसा बहुत कम हो गया है।
इन यूनियनों की कुछ अहम मांगें हैं। इनमें सबसे पहले किराया बढ़ाने की मांग है, जो आज की महंगाई के हिसाब से हो। दूसरी मांग नए एनवायरमेंट कॉम्पेंसेशन चार्ज (ECC) को हटाने की है, जिसे वापस लिया जाए। और तीसरी मांग यह है कि ऐप आधारित कैब कंपनियों के लिए कुछ सख्त नियम बनाए जाएं। हालांकि, सभी समूह इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ इस हड़ताल में शामिल नहीं है और उनके ऑटो पहले की तरह चलते रहेंगे।