दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान ग्राफिटी मामले में 3 गिरफ्तार, SFJ की स्लीपर सेल बेनकाब
दिल्ली मेट्रो के 2 स्टेशनों पर प्रो-खालिस्तान के समर्थन में ग्राफिटी (सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे, प्रतीक, संदेश पेंट या स्प्रे से अवैध रूप से लिखना) मिलने के बाद 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह ग्राफिटी दिलजीत दोसांझ के एक कॉन्सर्ट से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि सुमित उर्फ रफ्तार, सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत पर आरोप है कि वे प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के इशारों पर काम कर रहे थे। उन्हें ऐसे कामों को अंजाम देने के लिए एक 'स्लीपर नेटवर्क' बनाने और उसे सक्रिय करने के लिए 1 लाख रुपये का वादा किया गया था। शुरुआती तौर पर उन्हें 10,000 रुपये हवाला के जरिए दिए गए थे।
CCTV और तकनीकी निगरानी से हुई संदिग्धों की पहचान
संदिग्धों को पहचानने में पुलिस को CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी से काफी मदद मिली। बताया जा रहा है कि सुमित ने ग्राफिटी बनाते समय उसका वीडियो भी बनाया था, वहीं सुमित कुमार SFJ सदस्यों से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के जरिए लगातार संपर्क में था। इस मामले की जांच अभी भी चल रही है। अधिकारी अब इस सुनियोजित ग्राफिटी अभियान के पीछे और संभावित पैसों के लेन-देन के साथ-साथ विदेशी लिंक की भी तलाश कर रहे हैं।