दिवाली पर दिल्ली में धुंध की चादर, AQI 400 के करीब
क्या है खबर?
दिवाली की सुबह पूरे दिल्ली-NCR को धुंध की घनी चादर ने ढंक लिया है। राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता 'अत्यंत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। ज्यादातर जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के करीब दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इंडिया गेट के आसपास AQI 398 रहा, जबकि अक्षरधाम मंदिर के आसपास 336 दर्ज किया गया। वहीं, आनंद विहार में यह 328 रहा। सभी आंकड़े 'अत्यंत खराब' श्रेणी में आते हैं।
रिकॉर्ड
दिवाली की पूर्व संध्या पर AQI ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
दिवाली की पूर्व संध्या यानी 7 नवंबर की शाम AQI 369 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
इससे पहले 2016 में AQI 404 दर्ज किया गया था।
वहीं, पिछले 24 घंटों का औसतन AQI 1 नवंबर को 261 था, जो अब बढ़कर 369 हो गया है।
शनिवार सुबह दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर PM2.5 का औसत स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। 36 स्टेशनों पर यह स्तर 250 से ऊपर था।
पटाखे
शनिवार रात पटाखे जलाने की अवधि के दौरान बढ़ा प्रदूषण
शनिवार रात 8 बजे पटाखे जलाने के लिए तय समय शुरू होने के 2 घंटे के भीतर ही दिल्ली की हवा पिछली रात की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा प्रदूषित हो गई।
हिंदुस्तान टाइम्स ने CPCB के आंकड़ों के हवाले से बताया कि 55 स्टेशनों पर PM2.5 का स्तर शाम 7:45 बजे 177 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जो रात 8 बजे बढ़कर 208 और रात 10 बजे तक 289 तक पहुंच गया।
सलाह
डॉक्टरों की सलाह- बाहर जाने से बचें
AIIMS के पूर्व निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने दैनिक भास्कर से कहा कि पहले से किसी बीमारी (कोमॉर्बिडिटी) से जूझ रहे लोगों को सलाह दी कि वे सुबह और देर शाम के समय बाहर जाने से बचें, क्योंकि इस दौरान जमीन के स्तर पर प्रदूषण बढ़ जाता है।
वहीं, मुंबई के ईएनटी (ENT) सर्जन डॉक्टर वरुण दवे ने कहा कि 250 के आसपास AQI वाली हवा में सांस लेना दिन में 10 से 15 सिगरेट पीने के बराबर है।
प्रतिबंध
दिल्ली में पहले से कई प्रतिबंध लागू
दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से कई प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इनमें बिना PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं देना, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर BS-VI वाहनों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकना, डीजल बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे उपाय शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी पटाखों पर रोक लगाई है। दिवाली के दौरान 7 और 8 नवंबर को सुबह एक घंटे और शाम को 2 घंटे केवल ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति है।