देशभर से मानसून की वापसी: 15 प्रतिशत कम हुई बारिश, क्या बढ़ेगा जल संकट?
भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब विदा ले रहा है, जिसके चलते पूरे भारत में औसत से 15 फीसदी कम बारिश हुई है।
दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश की सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई, जो 28 प्रतिशत थी। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत भी इस मामले में पीछे नहीं रहे, जहां 26 प्रतिशत कम बारिश हुई। मध्य और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भी सामान्य से कम बारिश हुई, हालांकि वहां स्थिति उतनी गंभीर नहीं रही।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 20 सितंबर के बीच देश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई। इस दौरान देशभर में कुल 699.7mm बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 822mm बारिश होती है। यानी मानसून के अंतिम चरण में भी देश बारिश के औसत से पीछे है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 5-7 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। वहीं, दिल्ली-NCR में भारी बारिश की संभावना कम है, जबकि 25 से 28 सितंबर के बीच यूपी और बिहार में अच्छी बारिश हो सकती है।
देश भर के जलाशयों में 70.99 प्रतिशत जल भंडारण
इस कमी का असर जलाशयों पर भी दिख रहा है। देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर अब उनकी कुल क्षमता का सिर्फ 70.99 प्रतिशत रह गया है, जबकि आमतौर पर इस समय तक यह 79.06 प्रतिशत होता है।
दक्षिणी राज्यों की स्थिति सबसे खराब है, जहां जलाशयों में पानी सिर्फ 51.8 प्रतिशत क्षमता तक ही भर पाया है। वहीं, असम और ओडिशा जैसे कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है।