महाराष्ट्र के बांधों में सिर्फ 27 प्रतिशत पानी, भीषण गर्मी और देरी से मानसून से गहराया संकट
महाराष्ट्र में पानी की काफी कमी हो गई है। राज्य के विशाल बांधों में पानी का स्तर घटकर सिर्फ 27 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल यह 30 प्रतिशत था। इस साल मई में आई भीषण गर्मी और मानसून में देरी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अब बांधों में उनकी कुल क्षमता का सिर्फ एक चौथाई पानी ही बचा है।
पुणे के बांधों में 17.5 प्रतिशत, नागपुर और अमरावती में पानी बढ़ा
पुणे संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां बांधों में सिर्फ 17.5 प्रतिशत ही पानी बचा है। नासिक और कोंकण में भी पानी का स्तर गिर रहा है। वहीं, नागपुर और अमरावती में पिछले साल के मुकाबले पानी ज्यादा है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस साल की शुरुआत में यहां कुछ बेमौसम बारिश और ओले पड़े थे।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से बुवाई में देरी करने को कहा
अधिकारियों ने किसानों से कहा है कि वे फिलहाल नई फसलें बोने में देरी करें। उनका पूरा ध्यान घरों के लिए पानी बचाने पर है, खासकर मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे सूखे वाले इलाकों में। इस साल 'एल नीनो' की वजह से कम बारिश होने की उम्मीद है। ऐसे में हर कोई जल्द से जल्द बारिश होने की उम्मीद कर रहा है।