विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत, सरकारी बॉन्ड की कमाई पर नहीं लगेगा टैक्स
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को बड़ी टैक्स राहत देने का फैसला किया है। नए अध्यादेश के तहत सरकारी बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज से होने वाली कमाई पर अब उन्हें कुछ टैक्स नहीं देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और भारत में ज्यादा विदेशी पैसा आएगा। इससे वित्तीय बाजार को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राहत
बॉन्ड से होने वाली कमाई पर टैक्स खत्म
पहले विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड बेचने पर टैक्स देना पड़ता था। अगर बॉन्ड एक साल से ज्यादा समय तक रखा जाता था तो 12.5 प्रतिशत टैक्स लगता था। एक साल से कम समय पर बेचने पर 20 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था। अब सरकार ने दोनों तरह के टैक्स हटा दिए हैं। इससे विदेशी निवेशकों को ज्यादा फायदा मिलेगा और वे भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने के लिए अधिक उत्साहित हो सकते हैं।
आय
ब्याज से होने वाली आय भी टैक्स मुक्त
सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज पर भी विदेशी निवेशकों को टैक्स देना पड़ता था। वर्ष 2023 से यह दर 20 प्रतिशत थी। अब सरकार ने इस टैक्स को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसका मतलब है कि विदेशी निवेशकों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अपने पास रखने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय सरकारी बॉन्ड दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा आकर्षक बन सकते हैं और निवेश बढ़ सकता है।
अन्य
रुपये को सहारा देने की कोशिश
सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद भारत में विदेशी निवेश बढ़ाना और विदेशी पैसा बाहर जाने से रोकना है। हाल के महीनों में वैश्विक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में ज्यादा विदेशी निवेश आने से रुपये को मजबूती मिल सकती है। साथ ही देश के आर्थिक संतुलन को बनाए रखने और बाजार में भरोसा बढ़ाने में भी यह फैसला मददगार साबित हो सकता है।