देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 80 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा अनाज, सरकार ने उठाया कदम
भारत की खाद्य प्रणाली के लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने 'सार्थक' स्कीम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अपग्रेड करने के लिए 25,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब 80 करोड़ लोगों तक अनाज पहुंचाने का पूरा सिस्टम आधुनिक हो जाएगा, जिसमें बेहतर परिवहन और समझदारी भरी लॉजिस्टिक्स पर खास जोर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पहल का मकसद है कि तकनीक का इस्तेमाल करके कल्याणकारी योजनाओं को और तेजी और बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सके।
PDS को बनाया जाएगा आधुनिक
'सार्थक' स्कीम के तहत तीन खास तकनीकी सुविधाएं लाई गई हैं। पहली सुविधा है 'निर्मल', जो AI पर आधारित एक रजिस्ट्री है। इससे कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाना आसान होगा और एक ही काम का दोहराव कम हो जाएगा। दूसरी सुविधा 'आशा' है, जो एक चैटबॉट आधारित हेल्पडेस्क है। यह कई भाषाओं में काम करती है और व्हाट्सएप पर भी मौजूद है। इससे शिकायतों का निपटारा जल्दी हो पाएगा। तीसरी सुविधा 'सक्षम' है, जिसमें AI की मदद से वाहनों को ट्रैक किया जाएगा और मांग का अनुमान लगाया जाएगा। इसका सीधा मकसद है अनाज के परिवहन का समय और दूरी आधा करना, पैसे बचाना और जरूरत के हिसाब से सामान तेजी से लोगों तक पहुंचाना।