अब कमरे का नहीं, 'उत्पीड़न' का मामला, महुआ मोइत्रा के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़े सर्किट हाउस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। दरअसल, यह मामला तब शुरू हुआ जब उन्हें पश्चिम बंगाल के नादिया स्थित एक सर्किट हाउस में मिले अपने कमरे को खाली करने का आदेश दिया गया।
मोइत्रा का कहना है कि जिला अधिकारियों ने उनके साथ गलत बर्ताव किया और इसे उत्पीड़न बताया। इस मामले में उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से भी मदद मांगी है।
तुषार मेहता ने उठाए मोइत्रा के दावों पर सवाल
शुरुआती सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मोइत्रा से पूछा कि वे सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आईं। उन्होंने यह भी कहा कि मोइत्रा के दावों में कुछ गलतियां हो सकती हैं।
इसके बावजूद, अदालत ने साफ किया कि इस मामले को गुरुवार को फिर से सुना जाएगा। मोइत्रा ने एक और आरोप लगाते हुए बताया कि एक रात सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा हो गई थी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि यह मामला अब सिर्फ एक कमरे के विवाद तक ही सीमित नहीं है।