सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक से 7 दिन में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से पूछा है कि वह तमिलनाडु को कावेरी नदी का और पानी क्यों नहीं दे पा रहा है। तमिलनाडु की शिकायत है कि उसे अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
कर्नाटक ने अपनी दलील में भीषण सूखे को वजह बताया है। अब कोर्ट ने कर्नाटक को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय की गई है।
इस मामले में तथ्यों की जांच के लिए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) को भी बुलाया गया है।
CWMA के आदेश पर कर्नाटक 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ रहा
सूखे जैसे हालात होने के बावजूद, कर्नाटक फिलहाल CWMA के आदेश के मुताबिक रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है।
तमिलनाडु का पक्ष है कि अभी भी करीब 20 TMC पानी की बड़ी कमी बनी हुई है, जिससे उनके किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
इस बीच, CWMA और CWRC ने पहले 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का सुझाव दिया था। यह दिखाता है कि दोनों राज्यों के बीच यह नदी जल बंटवारे का मुद्दा कितना उलझा हुआ और मुश्किल बना हुआ है।