सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराए पर सरकार को घेरा, पूछे तीखे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने हवाई टिकट के दामों में भारी अंतर को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि आखिर क्यों एक ही दिन, एक ही इकोनॉमी क्लास की सीट के लिए 8,000 रुपये और 18,000 रुपये जैसे अलग-अलग दाम रखे जाते हैं। न्यायाधीशों ने यह टिप्पणी तब की जब वे एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि विमानन प्राधिकरणों द्वारा हवाई किराए को नियमित क्यों नहीं किया जाता।
सरकार का कहना है, BVA 2024 के नियम अभी लंबित हैं
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि DGCA के पास हवाई किराए को नियंत्रित करने का अधिकार है, लेकिन वह इसका उपयोग नहीं कर रहा। सरकार ने इसके जवाब में कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए अब भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 (BVA) बनाया गया है। हालांकि, इसके नियम अभी तय नहीं हुए हैं और उन पर विचार-विमर्श चल रहा है। कोर्ट ने साफ कहा कि यात्रियों के हितों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए। इस मामले पर अगली सुनवाई जुलाई 2026 में होगी।