BCI चेयरमैन के कार्यकाल पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, पूछा- 2 की जगह 5 साल कैसे?
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के 5 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट जानना चाहता है कि जब नियमों में सिर्फ 2 साल का कार्यकाल तय है, तो उन्हें यह 5 साल का कार्यकाल कैसे मिल गया।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साफ कहा है कि नए चुनाव हुए बिना मनन कुमार मिश्रा का 2030 तक इस पद पर बने रहना सही नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्गठन के लिए 4 हफ्ते का समय तय किया
मनन कुमार मिश्रा साल 2025 में चेयरमैन चुने गए थे। लेकिन एक विवादित नोटिफिकेशन के जरिए उनके कार्यकाल को बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया, जिसके बाद कई कानूनी चुनौतियां सामने आईं।
अब सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया है कि जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते, तब तक BCI के हर नीतिगत फैसले में उनकी सक्रिय भागीदारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने BCI के पुनर्गठन के लिए 4 हफ्ते का रोडमैप तय किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी, जिसमें हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी।