सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार में शामिल नौकरियों को बचाने वाला कानून पलटा, अब होगी नई भर्ती
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उस कानून को रद्द कर दिया है, जिसे 2022 में बनाया गया था। इस कानून के तहत 362 सरकारी कर्मचारियों को, जिनके चयन में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, नौकरी में बनाए रखने की कोशिश की गई थी।
अदालत ने राज्य सरकार को यह कहकर फटकार लगाई कि उसने इतने सालों में अपने रुख को कई बार बदला है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पिछले अदालती फैसलों से बचने के लिए नए कानून का सहारा नहीं लिया जा सकता।
CID को KPSC में भ्रष्टाचार मिला, अब होंगी नई भर्तियां
साल 2011 में राज्य की बड़ी सरकारी नौकरियों के लिए लगभग 1 लाख 38 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। लेकिन, बाद में CID की जांच से पता चला कि इस भर्ती प्रक्रिया में भारी हेरफेर हुई थी।
इसमें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद भी शामिल था।
अदालतों ने उन संदिग्ध नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद, राज्य ने 2022 में एक नया कानून लाकर उन नियुक्तियों को बनाए रखने की कोशिश की। अब, चूंकि वह कानून रद्द हो गया है, नई भर्तियां होंगी। जिन लोगों पर किसी गलत काम में शामिल होने का आरोप नहीं है, उन्हें उम्र में भी छूट मिलेगी, ताकि इस बार सभी को निष्पक्ष मौका मिल सके।