दिल्ली में 47.7 लाख मतदाता लापता, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह पूछा है कि आखिर दिल्ली के लगभग 47.7 लाख मतदाता हाल ही में मतदाता सूची अपडेट करते समय लिस्ट से बाहर क्यों हो गए। जजों ने यह भी देखा कि इतने सारे सत्यापन नोटिस ऑटोमैटिक तरीके से बनाए गए लग रहे थे। इसलिए उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की दोबारा जाँच होनी चाहिए ताकि सब कुछ निष्पक्ष रहे।
नोटिस अस्थायी हैं, मदद मिलेगी - आयोग
अगर आपको सत्यापन नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपका नाम मतदाता सूची से अभी कट गया है। आयोग ने साफ किया है कि ये नोटिस सिर्फ शुरुआती जांच के लिए भेजे गए हैं, ये कोई अंतिम फैसला नहीं हैं। बूथ स्तर के अधिकारी और खास कैंप 29 अक्टूबर, 2026 तक आपकी मदद के लिए मौजूद रहेंगे ताकि आप चीजों को ठीक कर सकें या अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में बना रहे।