सुप्रीम कोर्ट की HPEC को हरी झंडी, प्रदर्शनों में पुलिस ज्यादती का खुलेगा सच
सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की हिंसा और दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष कमेटी (HPEC) को मंजूरी दी है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने इस समिति के सदस्यों पर सवाल उठाए थे, लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि इसके सदस्य सबसे बेहतरीन लोग हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि अदालत पूरे मामले पर करीब से नजर रखेगी।
आर सुभाष रेड्डी संभाल रहे HPEC की जांच की कमान
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी और 4 वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में HPEC सिर्फ पुलिस कार्रवाई की ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों की हिंसा, महिलाओं के उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों की भी जांच करेगी। यह कमेटी CCTV और बॉडी कैमरे की फुटेज खंगालेगी। समिति प्रदर्शनों में घायल छात्र और पुलिसकर्मियों के मुआवजे पर भी विचार करेगी। कोर्ट को समय-समय पर इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाए जा सकें।