सुप्रीम कोर्ट से हरित पटाखों को हरी झंडी, पर डॉक्टरों की चेतावनी- ये भी सांसों पर पड़ सकते हैं भारी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 7 और 8 नवंबर को सर्टिफाइड 'ग्रीन पटाखों' को जलाने की इजाजत दे दी है। हालांकि, ये इको-फ्रेंडली पटाखे सामान्य पटाखों के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाने के लिए बने हैं, लेकिन डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ये अब भी अस्थमा के दौरे को ट्रिगर कर सकते हैं और फेफड़ों या दिल की बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से ही सांस या दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए ये और भी खतरनाक हो सकते हैं। इस समय दिल्ली की हवा पहले से ही खराब है, ऐसे में ये 'ग्रीन' पटाखे भी स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
डॉक्टरों ने कहा- ग्रीन पटाखों से हो सकता है अस्थमा का अटैक
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि 'ग्रीन पटाखे' सुनने में सुरक्षित लग सकते हैं, लेकिन ये अभी भी सांस लेने में दिक्कत और दिल की बीमारियां बढ़ा सकते हैं। इनसे अस्थमा का दौरा पड़ सकता है, पुरानी फेफड़ों की बीमारियां बिगड़ सकती हैं और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।