राम मंदिर दान पर SIT की सिफारिशें: 180 दिन तक सुरक्षित हो वीडियो रिकॉर्डिंग, कर्मचारी पहने बिना जेब वाली वर्दी
अयोध्या के राम मंदिर में दान के तरीके में अब बड़े बदलाव आ सकते हैं। दान के दुरुपयोग की आशंकाएं सामने आने के बाद, विशेष जांच टीम (SIT) ने कुछ कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है। जैसे कि, नकदी निकालते समय उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करना और दान में आए पैसों की गिनती के तरीकों को और कड़ा करना। यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है, खासकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठने लगे हैं।
SIT का प्रस्ताव: 180 दिन तक रखी जाएगी CCTV फुटेज
प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी रोकने के लिए SIT ने कई सुझाव दिए हैं। SIT ने सुझाव दिया है कि पैसों की गिनती करते समय कर्मचारियों को ऐसी वर्दी (यूनिफॉर्म) दी जाए जिसमें जेब न हो। साथ ही, ड्यूटी खत्म होने पर बाहर जाते समय उनकी तलाशी ली जाए। बैंक की तरफ से भेजे गए गिनती करने वाले कर्मचारियों को बदलकर, उनकी जगह नए लोग रखे जाएं, और स्वयंसेवकों के काम भी बदले जाएं। सबसे अहम सुझाव यह है कि दान की गिनती और संभाल के लिए 24 घंटे CCTV कैमरे से निगरानी हो, और इस फुटेज को 180 दिनों तक सुरक्षित रखा जाए। इसके अलावा, राम मंदिर के बेहतर और पेशेवर प्रबंधन के लिए एक CEO नियुक्त करने और हर हफ्ते ऑडिट कराने की भी सिफारिश की गई है। इन सबके बीच, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच आज एक याचिका पर सुनवाई करने वाली है। इस याचिका में CBI और CAG से मंदिर के हिसाब-किताब की जांच कराने की मांग की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।