मानसून ने पलटी बाजी: 45 से 28 प्रतिशत पर आई बारिश की कमी, पर अल नीनो का साया
अच्छी खबर यह है कि देश का दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसी के चलते 5 जुलाई 2026 तक बारिश की कमी पिछले हफ्ते के लगभग 45 से घटकर 28 प्रतिशत पर आ गई है। पश्चिमी, मध्य और पूर्वी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण देश में औसतन 140.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 196.5 मिलीमीटर बारिश होती है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस बढ़त ने मानसून की सुस्त शुरुआत से हुई कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है।
अल नीनो की चिंता के बीच बारिश की कमी बनी हुई
हालांकि, जहां कई इलाकों में हालात सुधरे हैं, वहीं पूर्वोत्तर भारत अभी भी सूखे जैसे हालात से जूझ रहा है। मेघालय में तो 66 प्रतिशत की भारी कमी है, और असम व अरुणाचल प्रदेश में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। उत्तरी राज्यों की बात करें तो बिहार (55 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (48 प्रतिशत) और दिल्ली (50 प्रतिशत) में भी बारिश की भारी कमी देखने को मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जल्द ही पश्चिमी और मध्य भारत में अच्छी बारिश होगी। लेकिन उनका यह भी कहना है कि फसलों के लिए लगातार बारिश बहुत जरूरी है, खासकर तब जब पूरे मौसम पर एल नीनो का खतरा मंडरा रहा है।