शहरी भारत में मध्य वर्ग का बेमिसाल उछाल, रिपोर्ट के चौंकाने वाले राज
भारत में औसत आय के मामले में बेंगलुरु, चंडीगढ़ और दिल्ली सबसे ऊपर आ गए हैं। वहीं, खर्च करने के मामले में चंडीगढ़, तिरुवनंतपुरम और वडोदरा ने बाजी मारी है। नई 'मेनी अर्बन इंडियाज' रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश के कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे सिर्फ 6 बड़े शहरों से आता है।
शहरी मध्यम वर्गीय परिवार बढ़कर 53 प्रतिशत हुए
इस रिपोर्ट की एक खास बात यह है कि दिल्ली NCR सालाना 126 बिलियन डॉलर के खर्च के साथ मुंबई से बहुत आगे है, और इसकी वजह यहां के 75 लाख परिवार हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2025-26 तक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। पिछले 10 सालों में मध्यम वर्गीय परिवारों की संख्या 29 से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है और 2030 तक यह 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। अमीर परिवारों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, वहीं गरीब परिवारों की संख्या लगातार घट रही है। यह शहरी भारत में आ रहे बड़े बदलावों का साफ संकेत देता है।