धार भोजशाला विवाद: मुस्लिम नेताओं ने ठुकराया प्रशासन का वैकल्पिक नमाज स्थल
धार, मध्य प्रदेश में मुस्लिम समाज के नेताओं ने शुक्रवार की नमाज़ के लिए प्रशासन द्वारा सुझाए गए नए स्थान को ठुकरा दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें कोर्ट ने भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद परिसर के 'पास या बगल में' एक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने को कहा था। नेताओं का मानना है कि प्रस्तावित जगह कोर्ट के निर्देश के अनुरूप नहीं है।
अब्दुल समद ने मालीवाड़ा वाली जगह पर जताई आपत्ति
प्रशासन ने करीब डेढ़ किलोमीटर दूर, मालीवाड़ा गांव में चालीस पीर की दरगाह के पास जमीन चुनी है। हालांकि, स्थानीय मुस्लिम नेता और धार सदर अब्दुल समद का कहना है कि यह जगह काफी दूर है और कोर्ट की मंशा के खिलाफ है।
उन्होंने याद दिलाया कि भोजशाला के नजदीकी क्षेत्र पहले भी नमाज के लिए उपयोग होते रहे हैं। वे 5 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में इन मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाएंगे। वहीं, प्रशासन का तर्क है कि उन्होंने मालीवाड़ा को इसलिए चुना क्योंकि यह भीड़भाड़ से दूर है और लोगों के जमा होने के लिए ज्यादा सुरक्षित है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही दोनों समुदायों के बीच आम सहमति बन जाएगी।