3 दशक बाद महाराष्ट्र में 'छात्र शक्ति' की वापसी, फिर होंगे छात्र संघ चुनाव
महाराष्ट्र सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े कॉलेजों में 3 दशक से भी ज्यादा समय के बाद छात्र संघ चुनावों को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। इन चुनावों को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और छात्रों के हित में कराने के लिए पूर्व मुंबई विश्वविद्यालय के उप-कुलपति सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में एक 12-सदस्यीय समिति बनाई गई है।
यह समिति चुनाव कराने से जुड़े सभी नियम-कानूनों का अध्ययन करेगी और नए दिशानिर्देश तैयार करेगी।
समिति डिजिटल सिस्टम पर करेगा अध्ययन
समिति इस बात पर भी गौर करेगी कि नामांकन, जांच, मतदान और शिकायतों के निवारण के लिए जहां भी संभव हो, डिजिटल और ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाए। ऐसा करने से पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इसके साथ ही, समिति इस बात पर भी ध्यान देगी कि महिला छात्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के छात्रों और पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय छात्रों को इन चुनावों में सही प्रतिनिधित्व मिले। उम्मीद है कि छात्र संघ के फंड के खुले और उचित प्रबंधन के लिए नए दिशानिर्देश भी जारी होंगे। साथ ही, नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।