5 लाख फर्जी जीमेल से बम की धमकियां: गूगल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस करेगी जांच
भारतीय पुलिस गूगल की जांच में जुटी है। उन्होंने 5 लाख से भी ज्यादा फर्जी जीमेल अकाउंट का एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा है। इन अकाउंट्स का इस्तेमाल बम की झूठी धमकियां भेजने के लिए किया जा रहा था।
यह मामला तब सामने आया जब 10 सितंबर को राज्य सरकार को एक ईमेल मिला, जिसमें बम की धमकी दी गई थी।
यह धमकी BRICS समूह के हाल ही में हुए नई दिल्ली शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले मिली थी। शुक्र है कि ये धमकियां फर्जी निकलीं और पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन अब एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये फर्जी अकाउंट गूगल की सुरक्षा, खासकर उसके 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी कड़ी सुरक्षा को कैसे भेद गए।
भारतीय अधिकारी फायरबेस के गलत इस्तेमाल की कर रहे हैं जांच
अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि गूगल की सेवाओं, जैसे कि फायरबेस, का दुरुपयोग धोखाधड़ी के लिए कैसे किया गया। खास तौर पर इसलिए भी क्योंकि कुछ अकाउंट बड़ी मात्रा में बांग्लादेश से क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके खरीदे गए थे।
भारत को हर साल साइबर अपराधों की वजह से 2 बिलियन डॉलर से ज़्यादा का नुकसान होता है। हालांकि गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह मामला यह भी उजागर करता है कि आज के समय में मजबूत ऑनलाइन सुरक्षा कितनी ज़रूरी हो गई है।