शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत का रुख बरकरार, बांग्लादेश सरकार सजा देने को अतुर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत का रुख नहीं बदला है। उन्होंने साफ किया कि उनके संबंध में किसी भी अनुरोध को कानूनी दायरे में ही देखा जाएगा। गौरतलब है कि छात्र प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से वह अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश सरकार सजा देने को आतुर
बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वह हसीना की वापसी के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें अपनी सजा का सामना करना होगा। पिछले नवंबर में एक विशेष अदालत ने प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों में उन्हें गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। प्रधानमंत्री के सूचना और रणनीति सलाहकार जाहिद उर रहमान ने बताया कि सरकार इस फैसले के साथ खड़ी है और जनता का भी इसे पूरा समर्थन हासिल है।
हसीना ने बनाई जल्द वापसी की योजना
खबरों की मानें तो, हसीना जल्द भारत से बांग्लादेश लौटकर अपनी पार्टी अवामी लीग को फिर से सक्रिय करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि उन पर लगे सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उनकी सरकार गिरने के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बना हुआ है।