मानसून ने घेरा पूरा देश, कहीं पानी ही पानी तो कहीं प्यासी जमीन
आखिरकार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले लिया है और बारिश की कमी भी काफी हद तक कम हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, जून के अंत तक बारिश में करीब 40 प्रतिशत की कमी थी, जो अब घटकर सिर्फ 14 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, कुछ राज्यों के लिए अभी भी बारिश का इंतजार बना हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। यह स्थिति किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है और पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों की परेशानी भी बढ़ा रही है।
पश्चिम भारत में बारिश, पूर्व अभी इंतजार में
जुलाई की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश ने मध्य और पश्चिमी भारत को बहुत बड़ी राहत दी है। इसका असर मुंबई में साफ दिखा, जहां 9 जुलाई तक जलाशय 10 प्रतिशत से भी कम भरे थे, लेकिन अब वे करीब 50 प्रतिशत तक भर चुके हैं। दिल्ली में भी जोरदार बारिश हुई, जिसके चलते कई इलाकों में पानी भर गया और सड़कें जलमग्न हो गईं।
इसके उलट, पूर्व और उत्तर-पूर्व के राज्य, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश, अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इन क्षेत्रों में जल्द ही भारी बारिश हो सकती है, हालांकि मध्य और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी सूखे जैसे हालात बने रह सकते हैं। बारिश का यह असमान वितरण एक बार फिर दिखा रहा है कि जल प्रबंधन को लेकर हमें कितनी गंभीरता बरतने की जरूरत है।