IIM छात्रा की आपबीती: दिल्ली में नौकरी के पहले ही दिन ऑफिस गायब, 75,000 रुपये का नुकसान
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोध गया की एक एमबीए छात्रा ने नौकरी के लिए दिल्ली शिफ्ट किया, लेकिन जॉइनिंग वाले दिन उसे पता चला कि जिस पते पर उसे बुलाया गया था, वहां कोई दफ्तर ही नहीं था। ऑफर लेटर और कन्फर्म्ड स्टार्ट डेट होने के बावजूद, वह घंटों उस पते पर इंतजार करती रही। बाद में सामने आया कि उस दफ्तर का लीज खत्म हो चुका था। कंपनी ने ऑनबोर्डिंग और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे विकल्प देने का वादा तो किया, लेकिन इनमें से कुछ भी पूरा नहीं हुआ।
75,000 रुपये का नुकसान
दिल्ली जाने और अपना सामान शिफ्ट करने में उसने करीब 75,000 रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कंपनी ने उसे कभी इन पैसों की भरपाई नहीं की। इस वजह से वह बहुत मुश्किल में पड़ गई। आखिरकार कंपनी से उसका सारा संपर्क टूट गया। गनीमत रही कि उसके संस्थान की प्लेसमेंट कमेटी ने उसकी मदद की और उसे एक और मौका मिल गया। अब वह नए ग्रेजुएट्स को सलाह देती है कि नौकरी से जुड़े सभी वादों का लिखित रिकॉर्ड जरूर रखें, ताकि भविष्य में कोई परेशानी आने पर उनके पास ठोस सबूत रहे।