दिल्ली में 2026 तक CAPF का कड़ा पहरा, क्या है सरकार की रणनीति?
सरकार ने हाल ही में फैसला लिया है कि 273 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियां 31 अक्टूबर तक दिल्ली में ही तैनात रहेंगी। सरकार का यह कदम किसी भी राजनीतिक प्रदर्शन से निपटने और उसके लिए हमेशा तैयार रहने के मकसद से उठाया गया है। दिल्ली पुलिस और CAPF की टीमें मिलकर राजधानी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने का काम करेंगी, खासकर उन इलाकों में जहां अक्सर तनाव बढ़ जाता है।
CAPF की तैनाती इस महीने फिर बढ़ाई गई
दरअसल, इस महीने यह दूसरा मौका है जब CAPF की तैनाती को आगे बढ़ाया गया है। शुरुआत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान इन्हें तैनात किया गया था। इन बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की इकाइयां शामिल हैं। हर कंपनी में लगभग 70 जवान होते हैं। शहर में हाल ही में हुए प्रदर्शनों और लगातार चल रही राजनीतिक हलचल को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि इन टीमों को तैयार रखना राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।