महाराष्ट्र में 1.8 करोड़ वोटरों पर संकट, नाम कटने से पहले 17 अगस्त तक करें पुष्टि
महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। चुनाव आयोग की एक बड़ी समीक्षा के बाद, करीब 1.8 करोड़ लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। इन नामों को हटाने की कई वजहें हैं: इनमें से कुछ मतदाता अब इस दुनिया में नहीं हैं, कुछ अपना पता बदलकर कहीं और जा चुके हैं, कुछ ऐसे हैं जिनका कोई अता-पता नहीं मिल रहा, और कुछ नाम ऐसे हैं जो गलती से 2 बार दर्ज हो गए हैं।
अगर आपने 17 अगस्त तक अपनी जानकारी की पुष्टि नहीं करवाई, तो 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम शायद शामिल न हो।
मुंबई में 30 प्रतिशत नाम कटने की आशंका
मुंबई में यह संख्या सबसे ज्यादा है, जहां करीब 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटे जाने का खतरा है। मानखुर्द-शिवाजी नगर जैसे इलाकों में तो 42.25 प्रतिशत लोगों का कोई पता ही नहीं मिल रहा, वहीं कोलाबा में यह प्रतिशत 37.68 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह सब महाराष्ट्र में चल रही 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (SIR) नाम की घर-घर जाकर की जा रही जांच का ही नतीजा है।
आदित्य ठाकरे जैसे नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि नामों को हटाने में कहीं कोई भेदभाव तो नहीं हो रहा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 17 अगस्त से पहले अपनी जानकारी जरूर जांच लें।