दिल्ली की 'सांसें' और 'रफ्तार' दोनों बचेगी, आ रहा EV फ्रेट सिस्टम
दिल्ली सरकार शहर में सर्दियों के दौरान होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फ्रेट सिस्टम लाने का प्रस्ताव कर रही है, क्योंकि डीजल ट्रकों की वजह से प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। अभी जब भी हवा की गुणवत्ता खराब होती है, तो डीजल ट्रकों को दिल्ली में आने से रोक दिया जाता है, जिससे सप्लाई चेन में काफी दिक्कतें आती हैं। इस नए प्लान का मकसद है कि सामान की सप्लाई चलती रहे और प्रदूषण भी कम हो जाए।
दिल्ली के आसपास EV लॉजिस्टिक्स हब बनाने का प्रस्ताव
इसके लिए दिल्ली के आसपास 5 लॉजिस्टिक्स हब बनाने का प्रस्ताव है, जो सोनीपत, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में होंगे। यहां डीजल ट्रक अपना माल उतार देंगे, और फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) आखिरी डिलीवरी का काम संभाल लेंगे। हर हब पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग की भी सुविधा होगी।
बता दें कि रोजाना करीब 17,000 डीजल ट्रक दिल्ली में दाखिल होते हैं, जो शहर में होने वाले कुल परिवहन प्रदूषण में लगभग 23 प्रतिशत का योगदान देते हैं। इस बदलाव से बड़ा फर्क पड़ सकता है। यह पायलट प्रोजेक्ट नवंबर 2026 से शुरू होगा।
एक स्टडी बताती है कि अगर हम पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ट्रकों पर शिफ्ट हो जाएं, तो 2035 तक PM 2.5 का प्रदूषण पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। और लंबे समय का लक्ष्य यही है कि सिर्फ जीरो-एमिशन फ्रेट व्हीकल ही दिल्ली में आएं।