दिल्ली कोर्ट ने 17 प्रदर्शनकारियों को दी जमानत, घायल आरोपियों के इलाज का भी आदेश
दिल्ली की एक अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 17 छात्र और फ्रीलांस पत्रकारों को जमानत दे दी है।
जज ने न सिर्फ पुलिस के आरोपों पर गौर किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि जेल अधीक्षक मेडिकल ऑफिसर की सलाह के अनुसार घायल आरोपियों का जरूरी इलाज करवाएं। जेल से छूटने वाले सभी लोगों को एक निजी मुचलका और जमानती देना होगा।
दिल्ली कोर्ट ने जमानत के लिए शर्तें तय कीं
अदालत ने कुछ साफ नियम बताए हैं।- गवाहों को प्रभावित नहीं करना, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करना और किसी नई मुश्किल में नहीं पड़ना। इस समूह को अपनी संपर्क जानकारी अपडेट रखनी होगी और हर सुनवाई की तारीख पर संबंधित अदालत में नियमित रूप से हाजिर होना होगा।
इसके अलावा, अब भारत से बाहर यात्रा करने के लिए खास इजाजत लेनी होगी। पुलिस चाहती थी कि उन्हें ज्यादा समय तक हिरासत में रखा जाए, लेकिन जज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों के महत्व और कानूनी कार्रवाई को संवैधानिक स्वतंत्रता के साथ संतुलित करने पर जोर दिया।